तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कालीघाट में रविवार (31 मई) को पार्टी के विधायकों की एक बैठक बुलायी थी। लेकिन आखिरकार उस बैठक को स्थगित कर देना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में तृणमूल के 80 विधायकों में से मात्र 17 विधायक ही उपस्थित हुए।
बड़ी संख्या में जिलों से विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे थे। अधिकांश विधायकों के इस बैठक में नहीं पहुंचने की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया। सोमवार को राज्य के प्रत्येक ब्लॉक, अंचल और वार्ड में जुलूस निकालने का आह्वान किया गया है। इसके साथ ही 2 जून को ममता बनर्जी रानी रासमनी रोड पर धरने पर बैठने वाली हैं।
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से इसकी समीक्षा के लिए लगभग प्रत्येक सप्ताह ही कालीघाट में बैठक बुलायी जा रही है। कभी पार्टी के विधायकों की, कभी हारने वाले प्रत्याशियों और कभी अन्य जनप्रतिनिधियों की। रविवार (31 मई) को विधायकों की बैठक बुलायी गयी थी। विधानसभा चुनाव में 80 सीटों पर तृणमूल और 208 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है।
कालीघाट पहुंचे तृणमूल के इक्का-दुक्का विधायक -
#WATCH | Kolkata, West Bengal: TMC MLAs arrive at TMC Chairperson Mamata Banerjee's residence in Kalighat. pic.twitter.com/v17FGp4egh
— ANI (@ANI) May 31, 2026
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जिन 80 विधायकों को बैठक में बुलाया गया था उनमें से तीन-चौथाई विधायक ही अनुपस्थित रहे। इस वजह से ही बैठक को स्थगित कर दिया गया। चुनाव में मिली हार के बाद से ही पिछले कई दिनों से तृणमूल के नेता बागी हो गए हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि पार्टी सुप्रीमो की बैठक में विधायकों की अनुपस्थिति कहीं किसी बड़े विद्रोह की आहट तो नहीं है!
वहीं पार्टी के एक प्रवक्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शनिवार को अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में जो भयावह हमला हुआ, उसके बाद विभिन्न इलाकों के विधायक अलग-अलग कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। काफी जगहों पर पुलिस ने हमारे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, धमकी दी जा रही है।
विधायकों के अनुरोध पर ही दोपहर 3 बजे जो विधायक बैठक में पहुंचे थे, उन्होंने बैठक को स्थगित रखने का फैसला लिया। हालांकि उन्होंने कहा कि सोमवार से तृणमूल के नेता व कार्यकर्ता सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करने जरूर उतरेंगे।