केंद्रीय राज्य मंत्री और बालुरघाट से भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा कटाक्ष किया है। रविवार (31 मई) को पूर्व बर्धमान में एक कार्यक्रम के दौरान सुकांत मजूमदार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर एसिडिटी होने पर ही किसी को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता हो तो उसे अस्पताल में अपने लिए एक अलग बेड रखना पड़ेगा। हमें पता है कि यह सब नाटक है।
इसके साथ ही संदेशखाली में उनपर हुए हमले की बात को उठाते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उस दिन अस्पताल के बाहर पड़े रहना पड़ा था। विधानसभा चुनाव के दौरान एक प्रचार सभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने चुनाव जीतने के बाद 'डीजे' बजाने की बात कही थी।
हालांकि वह मौका उन्हें नहीं मिला और 70 सीटों पर ही तृणमूल सिमट कर रह गयी। 208 सीटों पर जीतकर बहुमत के साथ भाजपा ने बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में अपनी सरकार गठित की।
बंगाल में सत्ता परिवर्तित होने के 26 दिनों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अभिषेक बनर्जी किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने सोनारपुर पहुंचे थे। वहां उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा। अंडे से लेकर उनपर निशाना साधकर पत्थर तक फेंके गए थे। डायमंड हार्बर के सांसद व तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को आखिरकार सिर पर हेलमेट लगाकर अपना बचाव करना पड़ा।
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लेकिन उनके हेलमेट को खोलकर लोगों ने उनपर मुक्कों और थप्पड़ों की बरसात कर दी थी। हालांकि बाद में केंद्रीय बल और पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अभिषेक बनर्जी को सोनारपुर के उस इलाके से बाहर निकाला।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On the attack on TMC MP Abhishek Banerjee in Sonarpur, Union Minister Sukanta Majumdar says, "I condemn this incident. I appeal to the public to not take law and order in their own hands... The public of Bengal is furious against the TMC and… pic.twitter.com/mxwVkkqvbi
— ANI (@ANI) May 30, 2026
लेकिन यह मामला यहीं शांत नहीं हुआ। शनिवार (30 मई) की रात को उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पहले ईएम बायपास के पास एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यहां इलाज नहीं हो रहा है इसलिए किसी और अस्पताल ले जा रही हूं।
इसके बाद कोलकाता के एक और निजी नर्सिंग होम में उन्हें भर्ती किया गया। हालांकि अभिषेक बनर्जी को कहीं भी भर्ती नहीं रखा गया। अस्पताल सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि उन्हें भर्ती रखने की जरूरत नहीं है। इसके बाद ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन पर दबाव डाला गया है।
हालांकि भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने संभावना जताते हुए दावा करते हुए कहा कि सोमवार (1 जून) को सीआईडी ने तलब किया है। ऐसा भी हो सकता है कि उससे पहले अगर अस्पताल में भर्ती हो सकें तो सीआईडी के पास नहीं जाना पड़ेगा। अगर सत्ता में रहते तो वुडबर्न में भर्ती होने के लिए जाते। लेकिन अस्पताल में भर्ती होने से पहले जानना पड़ेगा कि आखिर रोग क्या है?
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उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष करते हुए कहा कि ममता बनर्जी तो एमबीबीएस, एमडी सब कुछ हैं। हमारे पास तो कोई डिग्री ही नहीं है।
दूसरी ओर इस घटना को लेकर 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जून खड़गे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। शनिवार की देर रात को उन सभी पोस्ट को अभिषेक बनर्जी ने धन्यवाद देते हुए शेयर भी किया।