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फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ जैसे पारंपरिक विषयों की तुलना में छात्रों का झुकाव साइकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी की ओर बढ़ा

जानकारों का इस बारे में कहना है कि भविष्य में इन विषयों में बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर ही छात्र अब परंपरागत विषयों की तुलना में इन विषयों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।

By Moumita Bhattacharya, Snehasis Neogi

May 31, 2026 18:36 IST

कल सोमवार (1 जून) को पश्चिम बंगाल में स्नातक स्तर पर दाखिले के पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया खत्म हो रही है। अब तक जितने भी उच्च माध्यमिक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं ने राज्य के अलग-अलग यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया है, उनमें विज्ञान विभाग के विश्लेषण से चौंकाने वाला परिणाम सामने आया है।

मेजर कोर्स और ऑनर्स विषयों की अगर बात की जाएगी तो विज्ञान के छात्रों के बीच फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बॉटनी जैसे परंपरागत विषयों की तुलना में साइकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, जूलॉजी और मेडिकल लैब एंड टेक्नोलॉजी कोर्स में दाखिले की मांग कहीं ज्यादा बढ़ी है।

जानकारों का इस बारे में कहना है कि भविष्य में इन विषयों में बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर ही छात्र अब परंपरागत विषयों की तुलना में इन विषयों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। अब मुश्किल यह है कि साइकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, जूलॉजी और मेडिकल लैब एंड टेक्नोलॉजी कोर्स जैसी विषयों में दाखिले के लिए उपलब्ध सीट की तुलना में कहीं ज्यादा आवेदन आएं हैं।

दाखिले की वास्तविक परिस्थिति

पश्चिम बंगाल उच्च शिक्षा विभाग सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि राज्य के 460 कॉलेज-यूनिवर्सिटी में कुल 8 लाख 99 हजार 538 सीटें हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए अब तक करीब पौने 22 लाख आवेदन जमा हो चुके हैं। आंकड़े बताते हैं कि दाखिले की दौर में सिर्फ पश्चिम बंगाल माध्यमिक काउंसिल के छात्र-छात्राएं ही नहीं सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं।

वहीं बात अगर कॉलेजों की करें तो दाखिले के लिए सबसे ज्यादा आवेदन कोलकाता में आशुतोष कॉलेज, सुरेंद्रनाथ कॉलेज, गौड़ महाविद्यालय और आह्मर्स्ट स्ट्रीट सीटी कॉलेज के लिए किए गए हैं।

अलग-अलग विषयों में कितने आवेदन

साइकोलॉजी - कुल सीटों की संख्या 1,106, आवेदन 19,014

माइक्रोबायोलॉजी - कुल सीटों की संख्या 1,967, आवेदन 29,057

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन - कुल सीटों की संख्या 667, आवेदन 6,912

जूलॉजी - कुल सीटों की संख्या 11,415, आवेदन 1,00,484

इंग्लिश - कुल सीटों की संख्या 56,912, आवेदन 1,88,554

राजनीति विज्ञान - कुल सीटों की संख्या 63,366, आवेदन 1,74,023

क्यों विज्ञान के छात्रों ने बदली धारा

इस बारे में कलकत्ता यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी के अध्यापक सोमदेव मित्र का कहना है कि कोरोना अतिमारी के बाद लोगों ने मन और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। विज्ञान के जो छात्र डॉक्टर-इंजीनियर बनना चाहते हैं उनका नाम तो इस पोर्टल पर है ही नहीं।

इसके साथ ही साइकोलॉजी ऐसा विषय है जहां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के प्रवेश की संभावना बेहद कम है। वहीं कलकत्ता यूनिवर्सिटी के उपाचार्य आशुतोष घोष ने कहा कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ जैसे विषयों में स्नातक व मास्टर्स करने के बाद समाज में प्रतिष्ठित होने में काफी समय लग जाता है। इसलिए इन विषयों में तुलनात्मक रूप से कम छात्रों ने आवेदन किया है।

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