नई दिल्लीः दिल्ली में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियां की हैं। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब एजेंसी NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने को लेकर गंभीर सवालों का सामना कर रही है। इन आदेशों के अनुसार अनुजा बापट को उच्च शिक्षा विभाग के तहत NTA में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल पांच वर्ष या अगले आदेश तक रहेगा। इस पद को अस्थायी रूप से उन्नत कर संयुक्त सचिव स्तर पर किया गया है।
इसी क्रम में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी रुचिता विज को भी संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है, जिनका कार्यकाल समान शर्तों पर तय किया गया है।
इसके अलावा आकाश जैन को संयुक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है, जिनकी तैनाती 4 दिसंबर 2029 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। वहीं आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को भी संयुक्त निदेशक बनाया गया है, जिनका कार्यकाल 16 मई 2028 तक निर्धारित किया गया है।
दूसरी ओर, दिल्ली में राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने NTA कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी को बंद करने की मांग करते हुए ताले और जंजीर का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
इसी बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड पी. वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। आरोपी केमिस्ट्री लेक्चरर है और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था, जिसके चलते उसे प्रश्नपत्रों तक पहुंच होने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी और एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे ने पुणे में विशेष कोचिंग सत्र आयोजित किए, जहां छात्रों को पूछे गए प्रश्न और उत्तर लिखवाए गए। बाद में ये प्रश्न NEET-UG परीक्षा के वास्तविक पेपर से मेल खाते पाए गए।
सीबीआई ने मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया था, जबकि कुलकर्णी को पूछताछ के बाद पुणे से गिरफ्तार किया गया। देशभर में कई जगहों पर छापेमारी कर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है। मामले की एफआईआर 12 मई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर दर्ज की गई थी।