नई दिल्ली : स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का मानना है कि महिला प्रीमियर लीग ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के बढ़ते स्तर और स्टेडियमों में उमड़ रही भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि महिला क्रिकेट अब प्रशंसकों से गहराई से जुड़ चुका है।
आरसीबी पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए विराट कोहली ने महिला क्रिकेट के तेजी से हुए विकास पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूपीएल ने युवा भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों के साथ लगातार हाई-प्रेशर मुकाबले खेलने का मौका देकर उनके खेल को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।
कोहली ने कहा कि मैंने पहले भी डब्ल्यूपीएल देखा था लेकिन इस बार दर्शकों की संख्या देखकर साफ फर्क महसूस हुआ। एक क्रिकेटर होने के नाते मैं खेल के स्तर में बदलाव देख सकता हूं लेकिन जब आम लोग भी उस बदलाव को महसूस करने लगें तब समझ आता है कि खेल एक अलग स्तर पर पहुंच चुका है।
टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियमों में मिले जबरदस्त समर्थन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब मुकाबले बड़ौदा में खेले गए तब स्टेडियम खचाखच भरे हुए थे। नवी मुंबई में भी शानदार भीड़ देखने को मिली। मैंने सोचा कि यह सचमुच कमाल है। बेंगलुरु में भी दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
कोहली का मानना है कि महिला क्रिकेट अब भारत में एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है जहां लोग केवल जिज्ञासा के कारण मैच देखने नहीं आ रहे बल्कि खेल की गुणवत्ता और रोमांच उन्हें आकर्षित कर रहा है।
पूर्व भारतीय कप्तान ने युवा भारतीय महिला खिलाड़ियों के खेल में आए बड़े बदलाव की भी चर्चा की। उन्होंने खास तौर पर उनकी निडर बल्लेबाजी और बड़े शॉट खेलने की क्षमता की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि खेल का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है। नई खिलाड़ी पहले से ज्यादा तेज, ज्यादा विस्फोटक और अपने कौशल को लेकर ज्यादा आत्मविश्वासी हैं। वे बड़े शॉट खेलने से बिल्कुल नहीं डरतीं। आप शेफाली वर्मा और ऋचा घोष जैसी प्रतिभाओं को देखिए।
विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित महिला टी20 विश्व कप के दौरान शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी को याद करते हुए कहा कि उनकी ताकत और आत्मविश्वास देखकर वह हैरान रह गए थे।
उन्होंने कहा कि यह ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप के दौरान की बात है जहां हम भी खेल रहे थे। पर्थ में शेफाली बल्लेबाजी कर रही थीं और गेंद को सीधे स्टैंड्स में पहुंचा रही थीं। मैं सोच रहा था कि यह अविश्वसनीय है। जिस तरह की ताकत और आत्मविश्वास उनके खेल में दिखा वह बेहद खास था।
कोहली ने ऋचा घोष की फिनिशिंग क्षमता की भी जमकर तारीफ की और उनकी तुलना विश्व क्रिकेट के शीर्ष फिनिशरों से की।
उन्होंने कहा कि ऋचा भी किसी टॉप क्लास फिनिशर या विस्फोटक बल्लेबाज की तरह खेलती हैं। मैं इसे सिर्फ महिला क्रिकेट तक सीमित नहीं कर रहा हूं। उनकी क्षमता साफ तौर पर दिखाई देती है।
विराट कोहली के अनुसार डब्ल्यूपीएल का सबसे बड़ा योगदान यह है कि अब भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार खेलने का अनुभव मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में जो बेहतरीन बदलाव दिखाई दे रहे हैं उनमें डब्ल्यूपीएल का बहुत बड़ा योगदान है।
कोहली ने आगे समझाया कि पहले भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी सितारों के खिलाफ खेलने के लिए एक सीरीज से दूसरी सीरीज का इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब डब्ल्यूपीएल के कारण लगभग हर मैच में यह मौका मिल जाता है।
उन्होंने कहा कि आप डब्ल्यूपीएल का सीधा असर देख सकते हैं। खिलाड़ी दुनिया भर की क्रिकेटरों के साथ अनुभव साझा कर रही हैं। अब वे नियमित तौर पर विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी योजनाओं और कौशल को परख पा रही हैं। पहले ऐसा मौका सीरीज दर सीरीज ही मिलता था।
उन्होंने आगे कहा कि अब आपकी टीम में दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी साथ खेल रही होती हैं। पहले आपको उनके खिलाफ खेलने के लिए छह महीने से भी ज्यादा इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब एक ही हाई-प्रेशर मैच में उनसे मुकाबला करने का मौका मिल जाता है।
कोहली का मानना है कि इस तरह का माहौल खिलाड़ियों के विकास को बहुत तेज़ कर देता है क्योंकि उन्हें लगातार दबाव में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खुद को साबित करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि प्रगति इसलिए बहुत तेज होती है क्योंकि यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ हाई-प्रेशर परिस्थितियों का एक संक्षिप्त पैकेज है। जाहिर तौर पर इससे खिलाड़ियों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाहर आता है और जो दबाव संभाल सकते हैं वे बहुत तेजी से आगे निकलकर सामने आते हैं।
अपनी बात खत्म करते हुए विराट कोहली ने कहा कि अब डब्ल्यूपीएल और आईपीएल जैसी फ्रेंचाइजी लीग से निकलने वाले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पहले से कहीं ज्यादा तैयार होकर आते हैं।
उन्होंने कहा कि अब जब खिलाड़ी डब्ल्यूपीएल या आईपीएल से चयनित होकर आते हैं तो वे पूरी तरह तैयार खिलाड़ी की तरह दिखाई देते हैं।