लखनऊः अधिकारियों के अनुसार गैस आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन लागत बढ़ी है, जिससे कई उद्योगों में नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।
प्रदेश में बढ़ती लागत और गैस की कमी के चलते कई उद्योगों पर संकट गहराने लगा है। इसको लेकर श्रम विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। तय किया गया कि ऊर्जा खपत कम करने और उद्योगों को राहत देने के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं कार्यालयों और फैक्ट्रियों को अलग-अलग शिफ्ट में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार गैस आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन लागत बढ़ी है, जिससे कई उद्योगों में नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। सरकार जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी।
AC का तापमान रहेगा फिक्स
सीएम योगी ने आदेश दिया है कि अब सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही चलाया जाएगा। इससे बिजली की बचत होगी और सरकारी खर्च भी कम होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि दफ्तरों में लिफ्ट और दूसरी सुविधाओं का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत होने पर ही किया जाए। सरकार चाहती है कि हर विभाग बिजली बचाने की जिम्मेदारी समझे।
कर्मचारियों को मिलेगा Work From Home
नई व्यवस्था के तहत 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में हफ्ते में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर जोर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी, ट्रैफिक जाम घटेगा और पेट्रोल-डीजल की भी बचत होगी।
सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर
राज्य सरकार अब सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देना चाहती है। सरकारी बिल्डिंग, स्कूलों, कॉलेजों और कॉलोनियों में सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति तैयार करने की बात भी कही गई है।
सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से बिजली बचेगी, खर्च कम होगा और सरकारी कामकाज पहले से ज्यादा स्मार्ट और आसान बनेगा।