ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे तनावपूर्ण माहौल के बीच गोपालगंज का एक युवक दुबई की जेल में बंद हो गया है। जहाज की तस्वीर मोबाइल में कैद करने के आरोप में युवक को गिरफ्तार किया गया और अब उसे 10 साल की सजा सुनाई गई है। युवक थावे थाना क्षेत्र के रफी इंदरवा गांव का है। पीड़ित परिवार ने गोपालगंज डीएम से मिलकर बेटे को वतन वापस लाने की गुहार लगाई है।
थावे थाना क्षेत्र के रफी इंदरवा गांव निवासी वसीम अकरम करीब दो साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दुबई कमाने गया था। मेहनत मजदूरी कर उसने अपनी दो बहनों की शादी कराई और बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहा था।
अदालत ने युवक को सुनाई 10 साल की सजा
वसीम की मां शायदा खातून के अनुसार, युद्ध जैसे तनावपूर्ण हालात के दौरान वसीम अकरम ने अपने मोबाइल से एक जहाज की तस्वीर खींच ली। इसके बाद नमाज पढ़ने निकले वसीम को दुबई के रासल खेमा रम्स पुलिस स्टेशन की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब वहां की अदालत ने युवक को 10 साल की सजा सुनाई है।
इस मामले में डीएम ने गृह मंत्रालय को लिखा पत्र
बेटे की गिरफ्तारी और सजा की खबर मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां शायदा खातून और पिता अभिरूल मियां बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर लगातार प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पीड़ित परिवार गोपालगंज डीएम से मिला और बेटे को दुबई से छुड़ाकर भारत वापस लाने की मांग की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर आवश्यक पहल करने की सिफारिश की है। परिवार को अब सरकार और प्रशासन से ही उम्मीद है कि वसीम अकरम सुरक्षित अपने वतन लौट सके।