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क्या कोलकाता के बाद अब हावड़ा में भी चलेगा बुलडोजर? मुख्यमंत्री की विधायकों के साथ बैठक में होगा फैसला

हावड़ा जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि कोलकाता के साथ-साथ हावड़ा शहर में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

By Moumita Bhattacharya

May 16, 2026 10:59 IST

क्या कोलकाता की तरह अब हावड़ा शहर में भी अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए चलेगा बुलडोजर? यही सवाल इस समय हावड़ा के निवासियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हावड़ा जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि कोलकाता के साथ-साथ हावड़ा शहर में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर यहां भी बुलडोजर चलाकर अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले 21 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी हावड़ा जिला प्रशासन के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारीयों के साथ-साथ भाजपा विधायक भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में हावड़ा में अवैध निर्माण, जलजमाव की समस्या, कचरा सफाई, पेयजल संकट समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं से हावड़ा के भविष्य के विकास की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। बताया जाता है कि उसी दिन मुख्यमंत्री बेलुड़ मठ भी जा सकते हैं।

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इस बाबत उत्तर हावड़ा से भाजपा विधायक उमेश राय ने कहा कि अवैध इमारतों के मामले में नगर निगम सहित कई विभाग जुड़े हुए हैं। इसलिए सभी पहलुओं की जांच और चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। लोगों की सुरक्षा और शहर के योजनाबद्ध विकास को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

हावड़ा नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि कोलकाता की तरह हावड़ा शहर में भी बड़ी संख्या में अवैध इमारतों का निर्माण हुआ है। जिन इलाकों में तीन मंजिल से अधिक निर्माण की अनुमति नहीं है, वहां भी नियमों को तोड़कर 5 और 6 मंजिला इमारतें तक खड़ी कर दी गई हैं।

खास तौर पर साल्किया, पिलखाना, शिवपुर, कदमतला और दासनगर समेत उत्तर और मध्य हावड़ा के कई क्षेत्रों में इस तरह की अवैध इमारतें मौजूद हैं। नगर निगम के एक अधिकारी का दावा है कि सिर्फ उत्तर हावड़ा के पिलखाना इलाके में ही हजारों अवैध निर्माण हुए हैं।

दावा किया जाता है कि इन इलाकों में मुख्य रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं। यहां के कई निवासी दूसरे राज्यों से आए हुए हैं और वे यहां के मतदाता भी नहीं हैं। यह क्षेत्र अपराधियों का अड्डा भी बन चुका है। ऐसे में अवैध इमारतों को तोड़ने के दौरान कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसी डर से नगर निगम के कर्मचारी वहां जाने से भी घबराते हैं।

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उक्त अधिकारी ने बताया कि शहर में अवैध फ्लैटों की संख्या बढ़ने से जल निकासी व्यवस्था भी चरमरा रही है। आग लगने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम के अधिकारी बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसके साथ आम नागरिकों का एक समूह भी ऐसा है जो बुलडोजर कार्रवाई के समर्थन में आवाज उठा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हावड़ा की पुरानी बस्तियों और घनी आबादी वाले इलाकों में कई वर्षों से अवैध निर्माण हो रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि यह सब राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है। प्रशासन का एक हिस्सा भी इसमें शामिल है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन इलाकों में पहले छोटे-छोटे मकान हुआ करते थे वहां 8-10 मंजिला इमारतों का निर्माण हो चुका है। इसलिए उनकी मांग है कि कोलकाता की तरह हावड़ा के लिए भी प्रशासन सख्त फैसले ले। आवश्यकता पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई भी हो।

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