फिर से खुली आरजी कर कांड की फाइल। आरजीकर अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की घटना में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल, IPS इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्त को सस्पेंड कर दिया गया है। पर इतने दिनों बाद इन तीनों अधिकारियों को क्यों सस्पेंड किया गया?
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना में पुलिस की ओर से मिस हैंडलिंग और लापरवाही के आरोप में तीनों IPS अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दो पुलिस अधिकारियों पर अभया की मां को रुपए देने का आरोप लगाया गया है। उनकी भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।
बता दें, आरजी कर कांड के समय विनीत गोयल पुलिस कमिश्नर, इंदिरा मुखर्जी डीसी सेंट्रल और अभिषेक गुप्त डीसी नॉर्थ के पद पर कार्यरत थे।
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नवान्न में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आरजी कर की डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की फाइल फिर से खोली जा रही है। इसकी जांच से जुड़े तीन अधिकारियों को फिलहाल सस्पेंड किया जा रहा है। विभिन्न पदों पर कार्यरत इन IPS अधिकारियों के खिलाफ विचार विभागिय जांच शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि आरजी कर कांड की पीड़िता अभया की मां विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हो गयी। पानीहाटी विधानसभा केंद्र से भाजपा ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारा था और वह चुनाव में जीतकर क्षेत्र की विधायक बन चुकी हैं। अभया की मां और पिता ने नई भाजपा सरकार से न्याय की गुहार लगायी थी। इस घटना की फाइल को फिर से खोला जाए, इसका उन्होंने अनुरोध किया था।
मीडिया से बात करते हुए अभया की मां ने नम आंखों से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरी बेटी को जल्द ही न्याय मिलेगा।