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'लूटकर' सत्ता में आए लोग ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेंगे, चुनाव परिणाम के बाद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी को क्या दिया पहला संदेश?

अपने वीडियो संदेश में अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर से मतगणना वाले दिन केंद्रीय बलों का सहारा लेकर 100 से अधिक सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के एजेंटों को बाहर निकाल देने का आरोप लगाया।

By Amartya Lahiri, Moumita Bhattacharya

May 15, 2026 00:35 IST

विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी को अपनी 15 साल पुरानी सत्ता गंवानी पड़ी है। चुनाव में मिली हार के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से कई पार्टी नेताओं ने सीधे तौर पर उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।

चुनाव परिणाम घोषित होने के 10 दिन बाद गुरुवार को अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने सोशल मीडिया पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वीडियो संदेश में उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की और साथ ही भाजपा व केंद्रीय बलों की भूमिका को लेकर कई गंभीर और बड़े आरोप भी लगाए।

अपने वीडियो संदेश में अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर से मतगणना वाले दिन केंद्रीय बलों का सहारा लेकर 100 से अधिक सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के एजेंटों को बाहर निकाल देने का आरोप लगाया। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी लगाया था।

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अभिषेक बनर्जी का दावा है कि कई जगहों पर ऐसा भी हुआ है कि जिन EVM से मतदान कराया गया था, उनका सीरियल नंबर मतगणना टेबल पर लाई गई EVM के सीरियल नंबर से मेल नहीं खा रहा था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस बाबत जब रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत करने की कोशिश की गयी तो उनके (तृणमूल के) काउंटिंग एजेंट के साथ मारपीट की गयी।

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग लूटकर सत्ता में आए हैं, वे ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही तृणमूल मतगणना वाले दिन हुई कथित गड़बड़ियों का सबूत लेकर अदालत में जाएगी।

सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में अभिषेक बनर्जी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में कथित रूप से हमलों का शिकार हुए तृणमूल कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव बाद हुई हिंसा में तृणमूल कांग्रेस के 10 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है।

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उन्होंने सभी के नामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई एक अग्निपरीक्षा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के बाद भाजपा के कथित अत्याचारों के कारण कई तृणमूल कार्यकर्ता घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इन लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट में मामला दायर किया गया है।

इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि प्रशासन विस्थापित तृणमूल कार्यकर्ताओं को घर लौटाने में सहयोग नहीं करता है तो इसकी जानकारी सीधे सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें दी जाए। उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं को ऐसे लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया और हर हमले के मामले में थाने में FIR दर्ज कराने को भी कहा।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस संदेश के माध्यम से अभिषेक बनर्जी यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि चुनाव में मिली करारी हार के बावजूद वह हार मानने को तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस अब राजनीतिक मैदान के साथ-साथ कानूनी लड़ाई लड़ने की भी तैयारी कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस संदेश के माध्यम से अभिषेक ने चुनावी नतीजों के बाद निराश और हताश पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की है। अब यह देखना होगा कि उनकी यह रणनीति वास्तविकता के जमीन पर कितना असर डाल पाती है।

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