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ट्रंप का चीन दौरा: शि जिनपिंग को संदेश – प्रतिद्वंद्विता नहीं, मित्रता जरूरी

व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ट्रंप का बीजिंग दौरा, इरान संघर्ष के बीच अमेरिका-चीन संबंधों में सहयोग पर जोर

बीजिंग : वाणिज्यिक शुल्क को लेकर पिछले दो वर्षो से बीजिंग और वाशिंगटन के बीच कई तरह के टकराव और तनाव देखने को मिले हैं। विवाद से नुकसान होता है सहयोग से लाभ। अगर चीन और अमेरिका के रिश्ते स्थिर रहे तो दोनों देशों को फायदा होगा और इसके परिणामस्वरूप पूरी दुनिया को भी लाभ पहुंचेगा। इसलिए दोनों देशों को प्रतिद्वंद्विता की राह पर नहीं चलकर मित्रतापूर्ण संबंध बनाने चाहिए और एक-दूसरे के साझेदार बनना चाहिए। यही संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान संकट के बीच अपने चीन दौरे पर चीन के राष्ट्रपति शि जिनपिंग को दिया।

शुल्क को लेकर पिछले दो वर्षो के तनाव के दौरान कई घटनाओं ने बीजिंग और वाशिंगटन के रिश्तों को प्रभावित किया। सबसे पहले वेनेज़ुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान और उसके बाद इरान के साथ अमेरिकी संघर्ष ने दोनों देशों के संबंधों पर असर डाला। वर्तमान में इरान के साथ संघर्ष विराम तो है लेकिन युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस परिस्थितियों में ट्रंप का चीन दौरा स्वाभाविक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बुधवार शाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग उपस्थित थे। इसके बाद गुरुवार को बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में ट्रंप का औपचारिक स्वागत किया गया। इसी के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

पत्रकारों के सामने ट्रंप ने शि जिनपिंग से कहा आपके साथ चर्चा करना मेरे लिए सम्मान की बात है। आपका मित्र होना भी सम्मान की बात है। चीन और अमेरिका के संबंध आने वाले समय में और मजबूत होंगे। दोनों देश एक शानदार भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। शि जिनपिंग ने भी कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि 2017 के बाद पहली बार ट्रंप बीजिंग आए हैं। उन्होंने कहा यह बैठक पूरी दुनिया को एक नए अवसर और दिशा की ओर ले जाएगी।

कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य रूप से यह दौरा चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए किया गया है। इसके अलावा तकनीकी क्षेत्र और अन्य सहयोग संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस दौरे में धनकुबेर एलन मस्क भी ट्रंप के साथ आए। इसके अतिरिक्त इरान के वर्तमान युद्ध स्थिति और ताइवान की संप्रभुता से संबंधित मुद्दों पर भी दोनों राष्ट्राध्यक्ष चर्चा कर सकते हैं।बीजिंग रवाना होने से पहले, पत्रकारों ने ट्रंप से शि जिनपिंग के साथ उनके मतभेदों के बारे में पूछा। ट्रंप ने विमान में बैठने से पहले स्पष्ट किया कि उनका चीन के राष्ट्रपति के साथ संबंध काफी अच्छे हैं।

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