पेरिस : हाल ही में हंटावायरस जैसी घटनाओं के बाद अब फ्रांस के बोर्दो में ब्रिटेन के एक लक्जरी क्रूज जहाज में नया वायरस फैलने का खतरा पैदा हो गया है। जानकारी के अनुसार जहाज पर अचानक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पाचन और आंत संबंधी) बीमारी फैल गई है। इस वजह से 49 से अधिक यात्री और क्रू सदस्य बीमार हो गए हैं। फ्रांसीसी प्रशासन ने सभी संक्रमितों को जहाज के अंदर ही क्वारंटीन में रखने का आदेश दिया है और किसी यात्री को जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस कारण जहाज पर लगभग 1700 लोग फंसे हुए है और यूरोप में व्यापक चिंता का माहौल बन गया है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार यह जहाज ब्रिटिश क्रूज कंपनी ‘एम्बेसडर क्रूज़’ की ‘एम्बिशन’ लाइन का है। कंपनी के अनुसार जहाज पर कुल 1,233 यात्री और 514 क्रू सदस्य थे जिनमें अधिकांश ब्रिटेन और आयरलैंड के निवासी हैं। यह क्रूज 14 दिन की यात्रा के लिए बेलफास्ट और लिवरपूल से रवाना हुआ था। यात्रा का मार्ग फ्रांस होते हुए स्पेन के विभिन्न बंदरगाहों तक था।
हाल ही में जहाज पर कई यात्रियों को उल्टी, दस्त और पेट में संक्रमण के लक्षण दिखने लगे। शुरुआत में कुछ ही लोग प्रभावित थे लेकिन संख्या बढ़कर लगभग 50 हो गई। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संदेह जताया कि इस संक्रमण के पीछे नोरोवायरस हो सकता है। यह वायरस अत्यंत तेजी से फैलता है और आमतौर पर दूषित भोजन, संक्रमित वस्तु या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है। इसी लक्षण से प्रभावित एक वरिष्ठ ब्रिटिश यात्री की मृत्यु हो गई जिनकी उम्र 92 वर्ष थी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण हृदय रोग बताया गया है। स्वास्थ्य अधिकारी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनके संक्रमण और मृत्यु का सीधा संबंध अभी तक सिद्ध नहीं हुआ है। फिर भी इस घटना के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है।
फ्रांसीसी प्रशासन ने जहाज पर तुरंत ‘हेल्थ मैनेजमेंट प्रोटोकॉल’ लागू किया। बीमार यात्रियों को अलग कक्षों में आइसोलेशन में रखा गया। किसी को भी जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दी गई। बोर्दो विश्वविद्यालय अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने जहाज पर जाकर नमूने एकत्र किए। संक्रमण के प्रकार, फैलाव की गति और संभावित जोखिम का अध्ययन किया जा रहा है। ब्रिटिश क्रूज कंपनी ने यात्रियों के लिए अतिरिक्त सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की है। भोजन व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं ताकि यात्री ज्यादा भीड़-भाड़ में न आए। जहाज के विभिन्न हिस्सों में जीवाणुनाशक स्प्रे किया जा रहा है। यात्रियों को बार-बार हाथ धोने, मास्क पहनने और अनावश्यक कक्षों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। बीमार यात्रियों को मुफ्त चिकित्सा और कंसल्टेशन भी प्रदान किया जा रहा है।
इस घटना से नई चिंता इसलिए पैदा हुई क्योंकि हाल ही में ‘एमवी हंडियस’ क्रूज जहाज में हंटावायरस का संक्रमण सामने आया था। उस जहाज में कम से कम तीन यात्रियों की मौत हुई और कई संक्रमित हुए थे। इसके कारण प्रारंभ में लोगों ने संदेह किया कि बोर्दो के जहाज पर भी वही खतरनाक वायरस फैल गया है। हालांकि फ्रांसीसी स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान संक्रमण का हंटावायरस से कोई संबंध नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूज जहाजों पर संक्रामक रोग बहुत तेजी से फैलने का जोखिम होता है क्योंकि हजारों लोग लंबे समय तक समान स्थान पर रहते खाते और बंधी जगहों में रहते हैं। नोरोवायरस जैसे वायरस बहुत कम समय में बड़े पैमाने पर फैल सकते हैं। अमेरिका के CDC के अनुसार पिछले वर्ष कम से कम 23 अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाजों पर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण की घटनाएँ दर्ज हुई जिनमें अधिकांश मामलों में नोरोवायरस जिम्मेदार था।