🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

लश्कर कमांडर के वीडियो से बड़ा खुलासा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुआ कर रहे थे आसिम मुनीर

भारतीय मिसाइल और ड्रोन हमलों से हिल गया पाकिस्तान, लश्कर नेता ने मानी एयर डिफेंस की नाकामी।

By रजनीश प्रसाद

May 13, 2026 13:24 IST

इस्लामाबाद :‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पाकिस्तान में अब नए खुलासे सामने आ रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ के एक वीडियो ने पाकिस्तान सेना और उसके प्रमुख आसिम मुनीर की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में रऊफ दावा करता दिखाई दे रहा है कि जब भारत के मिसाइल और ड्रोन पाकिस्तान में लगातार हमले कर रहे थे तब पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर युद्ध की रणनीति बनाने के बजाय प्रार्थना में जुटे हुए थे।

हाल ही में सामने आए इस वीडियो में रऊफ ने बताया कि पिछले वर्ष 6 मई की मध्यरात्रि, यानी 7 मई से भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। उसके अनुसार 8 मई को इस्लामाबाद, पेशावर और लाहौर के आसमान भारतीय ड्रोन से भर गए थे। उसने कहा कि भारत के मिसाइल और ड्रोन हमलों के सामने पाकिस्तान पूरी तरह असहाय हो गया था और उसकी एयर डिफेंस प्रणाली हमले रोकने में नाकाम रही।

रऊफ के मुताबिक, 9 मई की रात भारत ने दोबारा हमला किया। इस दौरान नूर खान, शोरकोट, रहीम यार खान और बहावलपुर समेत कई एयरबेस को निशाना बनाया गया। उसने माना कि एक के बाद एक एयरबेस तबाह हो रहे थे और पाकिस्तान कोई प्रभावी जवाब नहीं दे पा रहा था।

वीडियो में रऊफ ने यह भी कहा कि उस समय फील्ड मार्शल आसिम मुनीर कुरान की आयतें पढ़ रहे थे और अल्लाह से दुआ कर रहे थे। उसके अनुसार मुनीर की प्रार्थना थी कि अगर सभी खत्म हो जाएंगे तो इबादत करने वाला कौन बचेगा।

विश्लेषकों का मानना है कि हमलों के दौरान लश्कर नेतृत्व ने पाक सेना के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की होगी लेकिन उन्हें सैन्य सहायता नहीं मिली। इससे पाकिस्तान सेना और आतंकी संगठनों के बीच संबंधों की चर्चा फिर तेज हो गई है।

रविवार को जैश-ए-मोहम्मद ने भी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सेना और आसिम मुनीर की आलोचना की थी। संगठन ने आरोप लगाया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कई बार मदद मांगने के बावजूद पाक सेना ने कोई सहयोग नहीं किया। जैश नेतृत्व ने यहां तक कहा कि पाक सेना प्रमुख ने उन्हें “पीठ में छुरा घोंपा”।

हालांकि बाद में आसिम मुनीर ने भारत को धमकी देते हुए दावा किया था कि संघर्ष में पाकिस्तान विजयी रहा लेकिन लश्कर नेताओं के वीडियो ने उनके इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसी बीच लश्कर के दूसरे शीर्ष कमांडर सैफुल्लाह खालिद का भी एक वीडियो सामने आया है। उसमें उसने कहा कि 8 मई को मुरिदके स्थित लश्कर मुख्यालय ‘मरकज-ए-तैयबा’ पूरी तरह तबाह हो गया था। उसने बताया कि हमले के बाद वे मलबे से मारे गए लोगों के शरीर के टुकड़े और फटे कपड़े इकट्ठा कर रहे थे।

रऊफ ने वीडियो में यह भी स्वीकार किया कि मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार में उसने खुद नेतृत्व किया था। उसने बताया कि वहां पाक सेना के कोर कमांडर, कई सैन्य अधिकारी, मंत्री, सांसद, मुख्य सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उसके अनुसार सभी ने इस हमले को केवल मुरिदके पर नहीं बल्कि पूरे पाकिस्तान पर हमला बताया।

Articles you may like: