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ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बीजिंग दौरा, साथ गए अमेरिकी उद्योग जगत के दिग्गज

ट्रंप बोले— ईरान को लेकर चीन की मदद की जरूरत नहीं, लेकिन होगी लंबी चर्चा

बीजिंग : ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे पर रवाना हो गए हैं। बुधवार को उनके बीजिंग पहुंचने की संभावना है। वहां पहुंचने के बाद वह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। तीन दिनों के इस दौरे में व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ ईरान युद्ध को लेकर भी विस्तार से चर्चा होने वाली है। स्वयं ट्रंप ने इस बात की जानकारी दी है।

मार्च महीने के अंत में ट्रंप की चीन यात्रा प्रस्तावित थी लेकिन ईरान के साथ चल रहे युद्ध की स्थिति के कारण उस समय यह दौरा स्थगित कर दिया गया था। अप्रैल की शुरुआत में यात्रा लगभग तय हो गई थी मगर अंतिम क्षणों में उसे रद्द कर दिया गया। आखिरकार मंगलवार को ट्रंप चीन के लिए रवाना हुए।

इस दौरे में उनके साथ उद्योग और प्रौद्योगिकी जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद हैं। इनमें इलॉन मस्क, टिम कुक तथा केली ऑर्टबर्ग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इस वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक सहयोग को इस यात्रा में विशेष महत्व दिया जाएगा।विशेष विमान में सवार होने से पहले ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया की युद्ध स्थिति, व्यापार और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरान युद्ध, वैश्विक तेल बाजार को लेकर बढ़ती चिंता और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच नाजुक व्यापारिक संबंधों को लेकर तनाव बना हुआ है। इसके साथ ही बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव के बीच यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। ट्रंप इससे पहले वर्ष 2017 में बीजिंग गए थे।

सूत्रों के मुताबिक गुरुवार और शुक्रवार को ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच औपचारिक वार्ता होगी। इससे पहले पिछले वर्ष अक्टूबर में दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित एशिया पैसिफिक इकोनॉमिक को-ऑपरेशन सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।

जानकारी के अनुसार अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों की बैठक में मुख्य रूप से व्यापार को लेकर बातचीत होगी। इसके अलावा ताइवान और ईरान से जुड़े संभावित तनावपूर्ण मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के मुद्दे पर चर्चा जरूर होगी, लेकिन युद्ध समाप्त करने के लिए उन्हें चीन की सहायता की आवश्यकता नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस विषय पर शी चिनफिंग के साथ लंबी बातचीत होगी। ट्रंप के शब्दों में, “हम कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। लेकिन सच कहूं तो ईरान उनमें प्रमुख विषय नहीं है क्योंकि ईरान पर हमारा पूरा नियंत्रण है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि शांतिपूर्ण तरीके से हो या किसी अन्य माध्यम से अमेरिका इस संघर्ष में विजयी रहेगा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो ईरान पूरी तरह तबाह हो सकता है।

व्हाइट हाउस ने ट्रंप की इस चीन यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी जनता के हित में चीन के साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण समझौते किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बोइंग विमानों की खरीद को लेकर भी इस यात्रा में अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

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