चेन्नई : तमिलनाडु में शक्ति परीक्षण से पहले एआईएडीएमके में संभावित टूट की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विजय मंगलवार को पूर्व मंत्री और एआईएडीएमके विधायक सीवी शन्मुगम के कार्यालय पहुंचे। इस मुलाकात को राज्य की राजनीतिक और विधायी समीकरणों में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब एआईएडीएमके पार्टी अंदरूनी मतभेदों से जूझ रही है। पार्टी फिलहाल दो गुटों में बंटी दिखाई दे रही है। एक धड़ा सीवी शन्मुगम के नेतृत्व में माना जा रहा है, जबकि दूसरा पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री विजय के पहुंचने पर एआईएडीएमके के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इनमें सीवी शन्मुगम और एसपी वेलुमणि प्रमुख रहे। इस घटनाक्रम को एआईएडीएमके के भीतर बढ़ती खाई का संकेत माना जा रहा है क्योंकि पार्टी के कुछ निर्वाचित प्रतिनिधि शन्मुगम के नेतृत्व की ओर झुकते दिखाई दे रहे हैं।
दूसरी ओर एआईएडीएमके विधायक थलावई एन सुंदरम ने सीवी शन्मुगम द्वारा लगाए गए उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें ईपीएस और डीएमके के बीच कथित गठबंधन की बात कही गई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी में विभाजन की कोशिश हुई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थलावई एन सुंदरम ने कहा, “सीवी शन्मुगम द्वारा दिए गए सभी बयान झूठे हैं। वे टीवीके में जगह चाहते हैं। यदि विधायक अलग होते हैं तो हम कानूनी कार्रवाई करेंगे। हमने कई मुद्दों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की है। हमने विधायकों की सूची भी स्पीकर को सौंपी है। एनडीए गठबंधन कायम है।”
एआईएडीएमके के भीतर फिलहाल दो स्पष्ट गुट दिखाई दे रहे हैं। विधायक सीवी शन्मुगम के नेतृत्व वाला धड़ा दावा कर रहा है कि उसके पास बहुमत का समर्थन है और उसने तमिलनाडु में टीवीके नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने की घोषणा भी कर दी है। शन्मुगम का कहना है कि पार्टी के अधिकांश सदस्यों ने डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “हमने यह पार्टी डीएमके के खिलाफ बनाई थी। पिछले 53 वर्षों से हमारी राजनीति डीएमके के विरोध पर आधारित रही है। ऐसे में डीएमके के समर्थन से एआईएडीएमके सरकार बनाने का प्रस्ताव अधिकांश सदस्यों को स्वीकार नहीं था और उन्होंने इसका विरोध किया। अगर हम डीएमके के साथ गठबंधन करते हैं तो एआईएडीएमके खत्म हो जाएगी। इसलिए हमने उस टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया, जिसे जनता ने जीत दिलाई है।”
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद एआईएडीएमके में एक और विभाजन की अटकलें तेज हो गई थीं। पार्टी को चुनाव में केवल 47 सीटें मिली थीं। इसके बाद कई विधायक सीवी शन्मुगम के आवास पर पहुंचे थे। इसी दौरान एआईएडीएमके और टीवीके के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं भी तेज हुईं। वहीं शन्मुगम गुट से जुड़े कई विधायकों को पुडुचेरी के एक निजी रिसॉर्ट में ठहराए जाने की खबरें भी सामने आईं।
बुधवार को होने वाले अहम फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री विजय लगातार सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं ताकि विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत मजबूत किया जा सके।
अभिनेता से राजनेता बने विजय ने चेन्नई स्थित कांग्रेस मुख्यालय जाकर पार्टी नेतृत्व से बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने वीसीके अध्यक्ष थोल. तिरुमावलवन से उनके वेलाचेरी स्थित आवास पर मुलाकात की।
शनिवार को टीवीके नेतृत्व वाले गठबंधन को बड़ा समर्थन तब मिला, जब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने विजय सरकार को “बिना शर्त समर्थन” देने की घोषणा की। आईयूएमएल के दो विधायकों के समर्थन के बाद विजय के पक्ष में खड़े विधायकों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है, जो 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से अधिक है।
फिलहाल इस गठबंधन में टीवीके के अपने विधायक शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस के पांच विधायक भी साथ हैं, जबकि भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल के दो-दो विधायक भी विजय सरकार को समर्थन दे रहे हैं।