नीट यूजी पेपर लीक के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 22 लाख से ज्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर पढ़ते हैं, लेकिन एक पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है।
उन्होंने कहा, "यह पहली बार नहीं है, 10 साल में 89 पेपर लीक और 48 बार दोबारा परीक्षा हुई है। आखिर कब तक सरकार जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करती रहेगी ? हर बार वही वादे, फिर वही खामोशी…"
तारिक अनवर बोले- '...तो प्रतिभा का क्या मूल्य बचेगा'
दूसरी ओर कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "नीट अभ्यर्थियों के साथ हुआ अन्याय अस्वीकार्य है। लाखों परिवारों ने अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए कर्ज लिया, गहने बेचे और दिन-रात मेहनत की। अगर शिक्षा व्यवस्था में ईमानदारी की जगह पेपर लीक और भ्रष्टाचार हावी रहेंगे, तो प्रतिभा का क्या मूल्य बचेगा ?"
बिहार कांग्रेस के नेता मदन मोहन झा ने कहा, "NEET पेपर फिर लीक हो गया… छात्र रात-दिन मेहनत करें और सरकार परीक्षा तक सुरक्षित ना रख पाए, तो इसे व्यवस्था की नाकामी नहीं तो और क्या कहेंगे ? NDA राज में युवाओं का भविष्य लगातार दांव पर लगाया जा रहा है।"
'सपनों पर मोदी सरकार ने पानी फेर दिया'
इस पूरे मसले पर बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि 22 लाख छात्रों की मेहनत और उनके अभिभावकों के सपनों पर मोदी सरकार ने पानी फेर दिया। नीट पेपर लीक ने साबित कर दिया है कि देश में अब परीक्षा नहीं, पेपर की नीलामी चल रही है। युवा पढ़ाई करे या माफियाओं से लड़े ? मोदी सरकार में मेहनत हार रही है, भ्रष्टाचार जीत रहा है और चोरों को पुरस्कृत किया जा रहा है। हिंदुस्तान के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा।