नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को रद्द किए जाने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए ‘अमृत काल’ को देश के लिए “जहर काल” बताया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि NEET परीक्षा का रद्द होना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ “अपराध” है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों ने भारी आर्थिक और मानसिक संघर्ष के साथ परीक्षा की तैयारी की, लेकिन बदले में उन्हें पेपर लीक और अनियमितताओं का सामना करना पड़ा।
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 12, 2026
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में…
उन्होंने कहा कि कुछ अभिभावकों ने कर्ज लेकर और गहने बेचकर अपने बच्चों की तैयारी कराई, लेकिन परिणाम में उन्हें निराशा मिली। राहुल गांधी के अनुसार, हर बार पेपर लीक के मामलों में असली दोषी बच निकलते हैं, जबकि मेहनती छात्र इसका खामियाजा भुगतते हैं।
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केंद्र सरकार ने 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के चलते रद्द करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा देशभर में मेडिकल कोर्सों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने बताया कि विभिन्न जांच एजेंसियों से मिले इनपुट और फील्ड रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। NTA ने स्पष्ट किया है कि वह जांच एजेंसी को पूरा सहयोग देगी और सभी दस्तावेज व रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगी।
NTA ने यह भी कहा है कि जिन छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था, उनका पंजीकरण और परीक्षा केंद्र संबंधी विवरण मान्य रहेगा। दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी और कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
दोबारा परीक्षा की तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी और एडमिट कार्ड का नया शेड्यूल भी आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।इस परीक्षा में लगभग 22.79 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे, जो देश के 5,400 से अधिक केंद्रों और 14 विदेशी शहरों में आयोजित की गई थी। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।