नई दिल्लीः राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (National Testing Agency) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
अभिषेक सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ प्रश्न परीक्षा से पहले मोबाइल फोन पर प्रसारित हुए थे और वे वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
उन्होंने बताया कि 7 मई की रात एक व्हिसलब्लोअर से मिली सूचना के बाद जांच शुरू की गई थी। इसके बाद यह पाया गया कि 1 और 2 मई को कुछ लोगों के मोबाइल फोन में प्रश्नों से जुड़े PDF मौजूद थे, जो परीक्षा से पहले लीक की आशंका को मजबूत करते हैं।
महानिदेशक ने कहा कि यह स्थिति एजेंसी की “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के खिलाफ है और इससे लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता था। इसी कारण परीक्षा को रद्द करना आवश्यक हो गया।
सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि NEET-UG 2026 परीक्षा, जो 3 मई को देश और विदेश के 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी, अब दोबारा कराई जाएगी। इस परीक्षा में लगभग 22.79 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनः परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। उनके आवेदन, परीक्षा केंद्र और अन्य विवरण यथावत रहेंगे। साथ ही, पहले लिए गए परीक्षा शुल्क को वापस किया जाएगा और री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने मीडिया सवालों पर टिप्पणी करने से इनकार किया, जबकि सरकार ने कहा कि जांच एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर चिंता सामने आई थी।