वॉशिंगटन : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच युद्ध की स्थिति अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका की ओर से दिए गए शांति प्रस्ताव पर ईरान ने जवाब देते हुए युद्ध रोकने के संकेत तो दिए हैं लेकिन साथ ही कई शर्तें भी सामने रखी हैं।
ईरान ने स्पष्ट कहा है कि यदि उस पर दोबारा हमला किया गया तो वह जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। तेहरान ने यह भी मांग की है कि युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर इस्लामिक रिपब्लिक के अधिकार को मान्यता दी जाए।
ईरान की इन मांगों पर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है। वॉशिंगटन ने तेहरान की शर्तों को “स्वीकार्य नहीं” बताया है। इसके बाद दोनों देशों के बीच सोमवार को होने वाली शांति वार्ता लगभग ठप पड़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस रुख से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।