चारों ओर राख उड़ रही है। पहाड़ की ढलान पर झुलसी हुई लकड़ी और ज्वालामुखी विस्फोट से निकला लावा बिखरा पड़ा है। ज्वालामुखी से बहता हुआ लावा भी अभी तक पूरी तरह ठंडा नहीं हुआ है। इन सबके बीच दो पर्यटक जो एक-दूसरे के गले लगे हुए हैं। दोनों ही जलकर लगभग कंकाल बन चुके थे लेकिन मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी।
इंडोनेशिया के हल्माहेरा द्वीप के माउंट डुकोनो (Mount Dukono) में हुई भीषण ज्वालामुखी विस्फोट में उनकी मौत हो गई। रविवार को उनके शव बरामद किए गए। इंडोनेशिया सरकार की ओर से बताया गया कि दोनों सिंगापुर के नागरिक थे। हालांकि उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
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प्रशांत महासागर के बिल्कुल किनारे स्थित हल्माहेरा द्वीप पर स्थित माउंट डुकोनो इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। शुक्रवार की सुबह अचानक यहां विस्फोट शुरू हो गया। ज्वालामुखी से निकलने वाली राख का विशाल लगभग 10 किलोमीटर ऊंचाई तक आकाश में फैल गया।
उस समय माउंट डुकोनो पर 20 पर्वतारोहियों का एक समूह मौजूद था। विस्फोट के दौरान वे वहीं फंस गए। बाद में बड़े पैमाने पर चले बचाव अभियान में लगभग सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीन सदस्यों का कोई पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह से लगभग 150 बचावकर्मियों की टीम ने माउंट डुकोनो के पूरे क्षेत्र में तलाश अभियान शुरू किया। तलाश अभियान में दो थर्मल ड्रोन भी उड़ा कर मदद ली गयी। मुख्य रूप से ज्वालामुखी के क्रेटर के आसपास लगभग 100 से 150 मीटर के दायरे में सघन तलाशी की गई।
आखिरकार शाम के समय मलबे में दबे दो पर्वतारोहियों का पता चला। बचावकर्मियों को वे पहाड़ की एक दरार में एक-दूसरे को गले लगे हुए लेकिन मृत पड़े मिले। अभियान प्रमुख इवान रामदानी ने बताया कि दोनों शवों को बरामद कर लिया गया है और उन्हें सुरक्षित नीचे लाया गया है।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले शनिवार को एक अन्य लापता इंडोनेशियाई पर्वतारोही की मौत की पुष्टि भी की गई थी। माउंट डुकोनो पर चढ़ाई को लेकर इंडोनेशिया में पहले से ही प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद आरोप है कि 11 इंडोनेशियाई और 9 सिंगापुर के नागरिक इस अभियान में शामिल हुए थे।
सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि सुरक्षित बचाए गए नागरिक रविवार को अपने देश लौटेंगे। हालांकि मृत दोनों पर्वतारोहियों के शव कब वापस लाए जाएंगे, इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
इंडोनेशिया के वॉलकैनोलॉजीकल सर्वे (Volcanological Survey of Indonesia) की ओर से जानकारी दी गयी कि शुक्रवार की सुबह 7:41 बजे विस्फोट की शुरुआत हुई थी। इसके बाद रविवार तक कुल चार बार अलग-अलग चरणों में ज्वालामुखी विस्फोट हुए।
माउंट डुकोनो में वर्तमान में थर्ड लेवल अलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत ज्वालामुखी के आसपास के लगभग चार किलोमीटर क्षेत्र में सभी प्रकार की गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही आसपास के स्थानीय गांवों में भी सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की गई है।