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जयपुर एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, अभियुक्त पूर्व एयरलाइन कर्मचारी

AI की मदद से फर्जी आईडी कार्ड बनाकर 30 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार, पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच

By डॉ. अभिज्ञात

May 10, 2026 23:55 IST

जयपुरः जयपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने के आरोप में पुलिस ने 27 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने करीब 30 लोगों को एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।

पूर्वी जयपुर की पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने रविवार को बताया कि अभियुक्त की पहचान किरण सैनी के रूप में हुई है। वह झुंझुनूं जिले के पिलानी की रहने वाली है और फिलहाल जगतपुरा इलाके में रह रही थी। शनिवार को एयरपोर्ट थाना पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किरण सैनी पहले जयपुर एयरपोर्ट पर एक निजी एयरलाइन सेवा कंपनी में काम कर चुकी थी। इसी अनुभव और पहचान का इस्तेमाल कर उसने नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपने जाल में फंसाया। अभियुक्त कथित तौर पर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का दावा करती थी और लोगों से पैसे वसूलती थी।

जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी के पहचान पत्रों में बदलाव किए। इसके बाद उसने रंगीन फर्जी आईडी कार्ड तैयार किए, ताकि नौकरी चाहने वालों को विश्वास दिलाया जा सके कि नियुक्ति प्रक्रिया असली है।

पुलिस ने अभियुक्त के पास से चार लोगों के फर्जी पहचान पत्र, कई आधार कार्ड और लगभग 30 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला है कि अभियुक्त ने एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर 30 से अधिक लोगों से करीब 9 से 10 लाख रुपये की ठगी की।

यह मामला 8 मई को सामने आया, जब जयपुर एयरपोर्ट पर फर्जी नौकरी के ऑफर और नकली प्रवेश पास जारी किए जाने की शिकायत पुलिस को मिली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अभियुक्त को हिरासत में लिया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और नौकरी के नाम पर ठगी करने में मदद की।

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