लखनऊः यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री पद की शपथ दिलाई। यूपी कैबिनेट में छह मंत्री बने दो का प्रमोशन हुआ है।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के विचार को आगे बढ़ाने की पहल
यूपी के कैबिनेट विस्तार पर राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी की एक नेक पहल है। सामाजिक संतुलन बनाए रखने और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विचार को आगे बढ़ाने के लिए–ताकि समाज के सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया जा सके, हमारी सरकार कैबिनेट का विस्तार कर रही है…अखिलेश यादव ईवीएम को खत्म करने पर अड़े हुए हैं, और ईवीएम उन्हें और इंडी गठबंधन को खत्म कर रहा है। उनके इन कदमों का नतीजा समाजवादी पार्टी के विनाश के रूप में सामने आएगा… भाजपा 2027 के यूपी चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी, और समाजवादी पार्टी एक बार फिर बुरी तरह से हार जाएगी।”
लोकसभा चुनाव के पहले हो चुका है विस्तार, चार मंत्रियों ने ली थी शपथ
इससे पहले योगी-दो के कैबिनेट का पहला विस्तार 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 5 मार्च को हुआ था। इस विस्तार में कुल चार मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। इनमें सपा से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ आने वाले सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर, सपा छोड़कर भाजपा जॉइन करने वाले दारा सिंह चौहान, रालोद कोटे से अनिल कुमार और भाजपा के सुनील शर्मा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।
योगी कैबिनेट में वर्तमान में मंत्रियों की संख्या 54
संवैधानिक व्यवस्था में योगी कैबिनेट में कुछ 60 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। मौजूदा समय में सीएम समेत कुल 54 मंत्री हैं। ऐसे में छह पद रिक्त है। सूत्रों को मुताबिक सरकार और संगठन के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए फिलहाल रिक्त पदों को भरने के लिए छह लोगों को ही मंत्री बनाने का फैसला किया गया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि शपथ दिलाने के बाद कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया जाएगा।