पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार बनने के बाद अब एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो गई है। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में बीजेपी सरकार बनी है। 15 सालों तक बंगाल में ममता बनर्जी का शासन रहने के बाद अब बंगाल को आगे ले जाने की जिम्मेदारी शुभेंदु के कंधों पर है। इसी के साथ ही कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के निशाने पर अब राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आ गई हैं।
बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की बुरी हार हुई। 15 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। ममता ने चुनाव में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों से समर्थन मांगा था। अब इसी को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि बंगाल में हुई सभी हिंसा का अब परिणाम भुगतना पड़ेगा।
अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
न्यूज एजेंसी एएनआई से मुर्शिदाबाद में रविवार (10 मई) को बात करते हुए उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल में हुई सभी हिंसा का अब परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बंगाल में कांग्रेस और धर्मनिरपेक्ष क्षेत्रों को नष्ट करने की पूरी कोशिश की और आज खुद उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।"
ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आज उनकी (ममता बनर्जी) की ताकत फीकी पड़ गई है और वे समर्थन मांग रही हैं। सबसे पहले, उन्हें राहुल गांधी को इंडिया गठबंधन के नेता के रूप में स्वीकार करना होगा और उसके बाद ही हम किसी भी बात पर विचार करेंगे।
आक्रामक अंदाज में काम करेगी शुभेंदु सरकार
बंगाल की सत्ता संभालने के बाद नए मुख्यमंत्री अधिकारी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सख्ती और विकास के मुद्दों पर आक्रामक अंदाज में काम करेगी। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने कई अहम बैठकों के जरिए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार जनता से किए गए वादों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की दिशा में काम करेगी।