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क्या होगा नवान्न का भविष्य? क्या है 14 मंजिला इस इमारत का इतिहास?

अलग-अलग राज्यों के नेताओं व मंत्रियों से लेकर बड़े-बड़े व्यवसायियों का स्वागत नवान्न में किया गया। अब एक बार फिर राज्य सचिवालय को स्थानांतरित कर राइटर्स बिल्डिंग में लाया जा रहा

By Moumita Bhattacharya

May 10, 2026 12:43 IST

साल 2013। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीत चुके थे 2 साल। एक दिन अचानक राज्य सचिवालय को राइटर्स बिल्डिंग से स्थानांतरित कर हावड़ा की इस बहुमंजिला इमारत में ले जाया गया। इमारत की 14वीं मंजिल पर बना तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ऑफिस। नाम रखा गया 'नवान्न'। इसके बाद अगले 13 सालों तक यह इमारत कई घटनाओं का साक्षी रहा।

अलग-अलग राज्यों के नेताओं व मंत्रियों से लेकर बड़े-बड़े व्यवसायियों का स्वागत इस इमारत में किया गया। अब एक बार फिर राज्य सचिवालय को स्थानांतरित कर राइटर्स बिल्डिंग में लाया जा रहा है। 300 साल से भी अधिक पुरानी इस इमारत को नए तरीके से सजाया-संवारा जा रहा है।

इसके इतिहास के बारे में हम फिर कभी चर्चा करेंगे लेकिन पहले आपको बता दें, नवान्न के इतिहास के बारे में हमें क्या जानकारी मिली है।

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क्यों हुआ था नवान्न का निर्माण?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नवान्न का निर्माण वामफ्रंट सरकार के जमाने में ही किया गया था। हालांकि उस समय तक इस बहुमंजिला इमारत का नाम नहीं रखा गया था। TV9 की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हावड़ा के शिवपुर इलाके में कपड़ा कारोबारियों के लिए एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया था जहां हावड़ा के मंगलाहाट समेत अन्य हाटों के कारोबारियों को एक ही छत के नीचे लाने की योजना थी।

बताया जाता है कि जब तक इस इमारत का निर्माण पूरा हुआ तब तक सत्ता परिवर्तित हो चुकी थी।

इसके बाद वर्ष 2013 में इस इमारत को तत्कालीन तृणमूल सरकार ने राज्य का प्रशासनिक भवन बनाया जिसका नाम नवान्न रखा।

क्या होगा इसका भविष्य?

वर्ष 2026 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद प्रशासनिक मुख्यालय को एक बार फिर से नवान्न से स्थानांतरित कर राइटर्स बिल्डिंग में लाया जा रहा है। कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों ने संभावना जतायी है कि जिस उद्देश्य से वाम जमाने में इस इमारत का निर्माण किया गया था, संभव है कि भाजपा उसी उद्देश्य को पूरा करें।

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यानी कुछ लोग इसे हाट कॉम्प्लेक्स बनाने की पैरवी कर रहे हैं तो कुछ का कहना है कि यहां सरकारी ऑफिस बनाया जा सकता है। चूंकि इतने समय तक राज्य का प्रशासनिक मुख्यालय होने की वजह से यहां तक आवाजाही करने के लिए परिवहन के साधनों की उपलब्धता है। इसलिए यहां अगर सरकारी ऑफिस बनाया जाता है तो लोगों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

बहरहाल, नवान्न का भविष्य क्या होगा, यह तो आने वाला समय ही तय करेगा। फिलहाल राइटर्स बिल्डिंग को नए सिरे से सजाया जा रहा है जहां खासतौर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कमरे की सजावट की जा रही है। जल्द ही विधानसभा के मुख्यमंत्री ऑफिस से राइटर्स बिल्डिंग में मुख्यमंत्री का ऑफिस स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

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