कोलकाताः पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की नई सरकार के गठन के साथ ही शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और कुछ ही देर बाद उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी सत्ता परिवर्तन की झलक दिखाई देने लगी।
मुख्यमंत्री पद संभालने के तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक अकाउंट का बायो अपडेट किया। नए बायो में उन्होंने खुद को बंगाल का मुख्यमंत्री (“Chief Minister of West Bengal”) बताया। राजनीतिक गलियारों में इसे केवल औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि नई सत्ता की सार्वजनिक घोषणा के रूप में देखा जा रहा है।
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में भारी भीड़ और राजनीतिक उत्साह के बीच शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण की। उनके साथ पांच अन्य निर्वाचित विधायकों - दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदिराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली। जानकारी के अनुसार बाकी मंत्रियों को अगले सप्ताह शपथ दिलाई जा सकती है।
नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सोमवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। माना जा रहा है कि नई सरकार शुरुआती दौर में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को लेकर तेजी से फैसले लेने की तैयारी में है।
शपथ ग्रहण का दिन 25 बैसाख होने के कारण राजनीतिक घटनाक्रम में सांस्कृतिक संदेश भी जुड़ गया। मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी सीधे जोड़ाबागान स्थित ठाकुरबाड़ी पहुंचे और विश्वकवि रविंद्रनाथ ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि बंगाल और बंगालियों की संस्कृति कविगुरु की चेतना के अनुरूप आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ने लंबे समय तक नुकसान झेला है और अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। अपने संबोधन में उन्होंने “चरैवेति” का मंत्र देते हुए निरंतर विकास और परिवर्तन की बात कही।
दूसरी ओर, सत्ता परिवर्तन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में बदलाव किया। हालांकि उन्होंने खुद को “पूर्व मुख्यमंत्री” नहीं लिखा। अपने नए बायो में उन्होंने खुद को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक, चेयरपर्सन और 15वीं, 16वीं तथा 17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया प्रोफाइल में हुए ये बदलाव केवल औपचारिक अपडेट नहीं हैं, बल्कि बंगाल की नई राजनीतिक तस्वीर का प्रतीक बन चुके हैं।