15 सालों बाद पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तित हुआ है। तृणमूल सरकार अब अतित है। 9 मई को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पारी की शुरुआत की है। इसके साथ ही कई बदलाव भी हो रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी भाजपा की सरकार का संचालन नवान्न से नहीं बल्कि राज्य के पुराने सचिवालय महाकरण से होगा। इसे लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गयी है। शुक्रवार की रात को सफेद रंग का विधानसभा भवन गेरुआ रंग की रोशनी से जगमगाया था। संभवतः ऐसा पहली बार ही हुआ होगा।
अब एक नए बदलाव की जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री रहते हुए ममता बनर्जी जिस कुर्सी पर बैठा करती थी, उसे अब विरोधी पार्टी ने कमरे में भेज दिया गया है। लकड़ी की मजबूत कुर्सी, जिसे अब विरोधी पार्टी के कमरे में स्थान मिला है। बताया जाता है कि इस कुर्सी पर अब विरोधी पार्टी के नेता बैठेंगे। मुख्यमंत्री के कमरे में नई कुर्सी लगायी गयी है।
इससे सीधा संकेत मिलता है कि पिछले 15 सालों से ममता बनर्जी ने जिस कुर्सी पर बैठकर राज्य प्रशासन का संचालन किया था, शुभेंदु अधिकारी अब उस कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। वह अपनी अलग कुर्सी पर बैठने वाले हैं। हालांकि नियमानुसार ममता बनर्जी के कमरे के सामने से 'मुख्यमंत्री' लिखी नेमप्लेट भी हटा दी गयी है।
शुभेंदु अधिकारी के कमरे के बाहर अब उनके नाम के लिए 'मुख्यमंत्री' लिखी नई नेमप्लेट लगायी गयी है। इसमें अंग्रेजी के स्पष्ट अक्षरों में लिखा है, 'Shri Suvendu Adhikari, Chief Minister'।