नयी दिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पंजाब के मंत्री और विधायक संजीव अरोड़ा से जुड़े ठिकानों पर कथित 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में कुल पांच स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। इनमें चार ठिकाने अरोड़ा और उनसे जुड़ी संस्थाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि एक कार्यालय हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड का है।
ईडी की जांच कथित फर्जी GST लेनदेन और अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों से जुड़े बड़े नेटवर्क पर केंद्रित है। एजेंसी के अनुसार, अरोड़ा की कंपनी पर आरोप है कि उसने दिल्ली स्थित कथित फर्जी फर्मों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोन खरीद के नकली बिल तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर गलत तरीके से ITC, निर्यात क्रेडिट और ड्यूटी ड्रॉबैक का लाभ लिया गया। जांच एजेंसी को यह भी संदेह है कि रकम को निर्यात के जरिए बाहर भेजकर दुबई से भारत वापस लाया गया, ताकि अवैध धन को वैध दिखाया जा सके।
छापेमारी के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक साल में यह तीसरी बार है जब ईडी संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है और पिछले एक महीने में दूसरी बार कार्रवाई हुई है, लेकिन अब तक कुछ भी बरामद नहीं हुआ। मान ने कहा कि पंजाब दबाव और राजनीतिक हथकंडों के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “पंजाब गुरुओं की धरती है, जिसे औरंगजेब भी नहीं झुका सका।” साथ ही उन्होंने कहा कि भगत सिंह की धरती अन्याय के खिलाफ हमेशा मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी रहेगी।
इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी बीजेपी नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल भ्रष्टाचार रोकने के बजाय विपक्षी दलों को तोड़ने और नेताओं पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि संजीव अरोड़ा के घर पर हुई ईडी की कार्रवाई भी उसी रणनीति का हिस्सा है।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही पंजाब में लगातार ईडी की कार्रवाई शुरू हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब को कई स्तरों पर निशाना बनाया गया है। उनके अनुसार, राज्य के पानी के मुद्दे से लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी पर नियंत्रण की कोशिश और ग्रामीण विकास फंड रोकने तक कई कदम उठाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में अशोक मित्तल के यहां ईडी की रेड के बाद अगले ही दिन उन्हें बीजेपी में शामिल करा लिया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।