नई दिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि भविष्य में केवल कांग्रेस ही भाजपा को हरा सकती है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है और कांग्रेस इस लड़ाई में भाजपा का मुकाबला करने वाली सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “इसे लिखकर रख लीजिए, भाजपा (BJP) को कोई दूसरी पार्टी नहीं हरा सकती। सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही भाजपा (BJP) और नरेंद्र मोदी को हरा सकती है और हम उन्हें हराकर दिखाएंगे।” पोस्ट के साथ साझा वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि देश की राजनीति केवल चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि एक तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा है, जो नफरत और विभाजन की राजनीति करती है, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस की विचारधारा है, जो प्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव की बात करती है।
लिख कठले लो, कोई औठपà¤à¤à¥à¤Ÿà¥ BJP को à¤à¤à¤ नà¤à¥à¤‚ à¤à¤•तà¥à¥¤
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 8, 2026
à¤à¤¿à¤à¥à¤« कà¤à¤‚गà¥à¤à¥‡à¤ पà¤à¤à¥à¤Ÿà¥ à¤à¥ BJP औठनà¤à¥‡à¤‚à¤à¥à¤ मोà¤à¥ को à¤à¤à¤ à¤à¤•तॠà¤à¥ˆ - औठà¤à¤® à¤à¤à¤à¤à¤‚गे। pic.twitter.com/zMUwdWCrnP
राहुल गांधी ने कहा, “इस देश में दो विचारधाराएं आमने-सामने हैं। एक आरएसएस (RSS) की नफरत और विभाजन की विचारधारा और दूसरी कांग्रेस की प्यार और एकता की विचारधारा। अंत में सिर्फ कांग्रेस ही भाजपा (BJP) को हरा पाएगी।” अपने बयान के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी गंभीर आरोप लगाए। गुरुग्राम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में मौजूद कुछ संवेदनशील दस्तावेजों की वजह से प्रधानमंत्री पर दबाव बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी करीब 3.5 लाख फाइलें मौजूद हैं और उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी जानकारियां भी हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हालिया भारत-अमेरिका समझौते दबाव में किए गए और यह स्वतंत्र राजनीतिक निर्णय नहीं थे।
राहुल गांधी ने कहा, “अगर डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी से कूदने के लिए कहेंगे, तो वे कूद जाएंगे।” उन्होंने यह भी दावा किया कि हालिया भारत-अमेरिका समझौता अमेरिका के दबाव में किया गया था और इसके पीछे एपस्टीन फाइलों का मुद्दा एक बड़ी वजह है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कोई भी प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थितियों में ऐसा समझौता नहीं करता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की राजनीतिक स्वतंत्रता प्रभावित हुई है और अमेरिका इसका फायदा उठा रहा है। हालांकि राहुल गांधी के इन आरोपों पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में उनके बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।