कोलकाताः वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के पीए चंद्रनाथ रथ (Chandranath Rath) की हत्या मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस को एक और अहम सुराग मिला है। पुलिस ने शुक्रवार को वारदात में इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल बरामद की। यह बाइक उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित रेल गेट नंबर-11 के पास से मिली, जो मध्यमग्राम से करीब छह किलोमीटर दूर है। इसी मध्यमग्राम इलाके में बुधवार रात बाइक सवार हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इससे पहले पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट इलाके के पास से एक अन्य बाइक जब्त की थी। जांच में पता चला कि उस मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट फर्जी थी। अब पुलिस दूसरी बाइक के इंजन नंबर और रजिस्ट्रेशन की भी जांच कर रही है।
यूपी पहुंची SIT, फर्जी नंबर प्लेट से खुल रहे नए राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस ने सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम में राज्य सीआईडी, इंटेलिजेंस ब्रांच और बंगाल एसटीएफ के अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम अब तकनीकी और जमीनी साक्ष्य जुटाने के लिए उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान एक संदिग्ध चार पहिया वाहन का सुराग मिला है, जिसके लाल रंग का होने की आशंका है। माना जा रहा है कि इस वाहन में सात से आठ लोग सवार थे, जो हत्या की साजिश में शामिल हो सकते हैं। पुलिस को शक है कि वाहन पश्चिम बंगाल के बाहर पंजीकृत था।
इस बीच घटनास्थल के पास से बरामद एक अन्य कार की नंबर प्लेट भी फर्जी निकली। जांच में सामने आया कि असली नंबर प्लेट सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति की कार की थी। उस व्यक्ति ने अपनी कार बेचने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था और उसे उत्तर प्रदेश से एक संभावित खरीदार का फोन आया था। पुलिस इसी कड़ी को अहम मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।
बाहरी शूटरों और स्थानीय मदद की आशंका
जांच अधिकारियों का मानना है कि हत्या को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था। साथ ही इस बात की भी आशंका है कि हमलावरों को स्थानीय स्तर पर मदद मिली।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बाहरी अपराधियों के लिए इलाके में इतनी तेजी से आवाजाही करना आसान नहीं था। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया हो। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के पीछे सुपारी किलिंग का एंगल था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश रची गई थी।
SIT के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच कई स्तरों पर चल रही है और हर संभावित एंगल की पड़ताल की जा रही है। हालांकि घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब जेसोर रोड और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की गतिविधियों और भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी और पूरी योजना के तहत हमला किया गया।
घटना के बाद सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती जारी है।
फिलहाल हत्या के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस का मानना है कि यह साधारण आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि बेहद सुनियोजित हमला था। जांच एजेंसियां अब राज्य के बाहर तक फैले नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।