कोलकाताः पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) शुक्रवार को राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आर.एन.रवि (R. N. Ravi) से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके साथ ही राज्य में पहली भाजपा सरकार के गठन का रास्ता औपचारिक रूप से साफ हो गया।
राज्यपाल ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। उनका शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। भाजपा इस समारोह को बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
इससे पहले कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। अमित शाह ने बैठक के बाद कहा कि नेता पद के लिए कुल आठ प्रस्ताव आए, लेकिन सभी में केवल शुभेंदु अधिकारी का ही नाम था। उन्होंने कहा कि दूसरे नाम के लिए भी पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन कोई अन्य प्रस्ताव सामने नहीं आया।
अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी को संघर्षशील और प्रशासनिक अनुभव रखने वाला नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ी है। शाह ने दावा किया कि नई भाजपा सरकार बंगाल में सुशासन स्थापित करेगी और राज्य को हिंसा, भ्रष्टाचार तथा ‘कट मनी’ की राजनीति से बाहर निकालेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा की जीत को राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ते हुए कहा कि राज्य में घुसपैठ और गौ-तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर घुसपैठिए की पहचान कर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में अब “भय नहीं, भरोसे का माहौल” बनेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सामूहिक नेतृत्व के सिद्धांत पर काम करेगी और जनता से किए गए सभी चुनावी वादों को पूरा करने की कोशिश करेगी।
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार और महिलाओं पर अत्याचार के मामलों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में आयोग गठित किए जाएंगे।
कभी ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के करीबी सहयोगियों में शामिल रहे शुभेंदु अधिकारी पिछले कुछ वर्षों में भाजपा के सबसे मजबूत बंगाली चेहरों में उभरकर सामने आए। कांग्रेस छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले शुभेंदु ने बाद में तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा और फिर भाजपा में शामिल होकर राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाले नेता बने।
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। भाजपा की यह जीत बंगाल की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।