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भारत को न्यूयॉर्क से लौटाई गई 650 से अधिक प्राचीन कलाकृतियाँ

अवलोकितेश्वर की कांस्य मूर्ति, लाल बलुआ पत्थर बुद्ध और नृत्य गणेश की मूर्ति की लौटाई गई

By प्रियंका महतो

May 08, 2026 17:55 IST

न्यूयॉर्क सिटी : न्यूयॉर्क सिटी के अधिकारियों ने भारत को लगभग 650 से अधिक कलाकृतियाँ वापस की है जिनकी कीमत लगभग 14 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यह जानकारी मैनहट्टन जिला अटॉर्नी अल्विन एल. ब्रैग जूनियर ने एक समारोह के दौरान दी, जिसमें न्यूयॉर्क स्थित भारतीय काउंसलेट की काउंसल राजलक्ष्मी कदम भी उपस्थित थीं। अधिकारियों के अनुसार इन प्राचीन वस्तुओं को मुख्य रूप से अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में लाया गया था और बाद में तस्करी नेटवर्क की व्यापक जांच के जरिए इन्हें बरामद किया गया।

ब्रैग ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस को बताया भारत की सांस्कृतिक धरोहर को लक्षित करने वाले तस्करी नेटवर्क का दायरा बहुत बड़ा है जैसा कि आज 600 से अधिक कलाकृतियों की वापसी से स्पष्ट होता है। उन्होंने यह भी कहा दुर्भाग्यवश अभी भी चोरी हुई कलाकृतियो को भारत लौटाने के लिए और काम किया जाना बाकी है और मैं हमारी टीम के लगातार प्रयासों के लिए धन्यवाद देता हू। बरामदगी की यह पहल एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट और होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई कलाकृतियों की अवैध व्यापारिक मार्गों पर लंबे समय से चल रही जांचो से जुड़ी हुई है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार लौटाई गई वस्तुओं में अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा शामिल है जिसे मूलतः रायपुर के महंत घसीदास मेमोरियल म्यूजियम से चोरी किया गया था। यह 1982 तक अवैध रूप से अमेरिका ले जाई गई और बाद में न्यूयॉर्क के एक निजी संग्रह में पाए जाने के बाद 2025 में जब्त की गई। एक अन्य महत्वपूर्ण बरामदगी लाल बलुआ पत्थर से बनी बुद्ध प्रतिमा है, जिसकी कीमत 7.5 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यह कथित रूप से कला व्यापारी सुभाष कपूर द्वारा तस्करी की गई थी और ट्रैफिकिंग नेटवर्क से जुड़े एक स्टोरेज यूनिट में पाई गई।

इसके अलावा मध्य प्रदेश के एक मंदिर से 2000 में लूटी गई नृत्य करती गणेश की बलुआ पत्थर की मूर्ति भी वापस लौटी। यह कलाकृति कई हाथों से गुजरी जिसमें गैलरी के मालिकाना हक और नीलामी भी शामिल थी और इस साल की शुरुआत में इसे सुपुर्द कर दिया गया।

कपूर और उनके कई सहयोगियों के खिलाफ चोरी हुई प्राचीन वस्तुओं की तस्करी से संबंधित मामले दर्ज हैं। जबकि उन्हें 2022 में भारत में दोषी ठहराया गया संयुक्त राज्य अमेरिका में उनके खिलाफ मामले अभी चल रहे है और उनके कई सहयोगी पहले ही दोषी पाए जा चुके हैं। मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय के पिछले प्रयासो के समान इस बार की वापसी भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। पिछले वर्ष कपूर से जुड़ी कलाकृतियाँ जिनकी कीमत 3 मिलियन डॉलर से अधिक थी नेपाल को लौटाई गई थी जबकि 2021 में अन्य वस्तुएँ अफगानिस्तान को भेजी गई थी। यह विकास ऐसे समय में आया है जब न्यूयॉर्क के मेयर जहरान ममदानी ने हाल ही में सांस्कृतिक पुनर्स्थापना पर वैश्विक बहसो जिसमें कोहिनूर हीरे का स्वामित्व भी शामिल है जिस पर अपनी टिप्पणियाँ दी हैं।

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