मुंबई : सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार सुबह से ही दोनों प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी-50 लाल निशान में कारोबार करते रहे। दिनभर उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में तेजी लौट नहीं सकी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अनिश्चितता के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ी जिसका असर दालाल स्ट्रीट पर साफ दिखाई दिया।
शुक्रवार को सेंसेक्स 516 अंक यानी 0.66 प्रतिशत टूटकर 77,328 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी-50 में 150 अंकों यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,176 अंक पर बंद हुआ।
हालांकि बड़े सूचकांकों की तुलना में छोटे और मझोले शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत स्थिर रहा। मझोले शेयर सूचकांक में मामूली गिरावट दर्ज की गई जबकि छोटे शेयर सूचकांक में लगभग 0.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली।
क्षेत्रवार सूचकांकों की बात करें तो अधिकांश क्षेत्रों में गिरावट का माहौल रहा। सूचना प्रौद्योगिकी, पूंजी बाजार और दैनिक उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र में हल्की बढ़त देखने को मिली। दूसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सूचकांक सबसे ज्यादा टूटा। इसके अलावा वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, तेल और गैस, धातु, ऊर्जा तथा रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार जानकारों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में हुई गोलीबारी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। साथ ही डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। इन सभी कारणों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा और दालाल स्ट्रीट में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।