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पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट में भी दिलचस्पी रखता है बंगाल माध्यमिक में तृतीय मैनाक मंडल

मैनाक मंडल ने बताया कि वह रोज 8-9 घंटे तक पढ़ाई करता था, लेकिन लगातार नहीं। लगभग आधे घंटे की पढ़ाई के बाद उसका मन कुछ और करने का करता था।

By Moumita Bhattacharya

May 08, 2026 15:14 IST

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का रिजल्ट घोषित हो चुका है। बांकुड़ा क्रिश्चन कॉलेजिएट स्कूल के छात्र मैनाक मंडल ने राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उसे कुल 695 अंक मिले हैं। मैनाक का मानना है कि पढ़ाई का कोई निर्धारित नियम नहीं होता है।

उसे लंबे समय तक पढ़ना नहीं पसंद है। इसके बावजूद बेटे की शानदार सफलता ने मां अर्चना मंडल और पिता शिशिर मंडल फुले नहीं समा रहे हैं।

मीडिया से बात करते हुए मैनाक मंडल ने बताया कि वह हर विषय की ट्यूशन लेता था। वह रोज 8-9 घंटे तक पढ़ाई करता था, लेकिन लगातार नहीं। लगभग आधे घंटे की पढ़ाई के बाद उसका मन कुछ और करने का करता था। कभी-कभी वह दोस्तों के साथ खेलने भी चला जाता था। हालांकि मैनाक का यह भी कहना है कि वह जितनी देर भी पढ़ाई करता था पूरी एकाग्रता और ध्यान से करता था। इसे ही वह अपनी सफलता की असली कुंजी मानता है।

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मैनाक का कहना है कि मैं ज्यादा देर तक लगातार पढ़ाई नहीं कर पाता। कुछ देर पढ़ता था, फिर खेलता था और उसके बाद दोबारा पढ़ने बैठ जाता था। लेकिन स्कूल और ट्यूशन के शिक्षकों ने मेरी बहुत मदद की। जब भी मैं उनके पास गया उन्होंने बिना नाराज हुए हर बात समझाई। उनकी मदद के बिना यह परिणाम संभव नहीं था।

मैनाक मंडल की राजनीति में खास दिलचस्पी नहीं है। पढ़ाई के साथ-साथ उसे क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। उसका पसंदीदा क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी हैं।

मैनाक आगे चलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता है। उसने कहा कि गणित मेरा पसंदीदा विषय है। इसी वजह से मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता हूं।

बेटे की सफलता से उसकी मां बेहद खुश हैं। पेशे से आंगनवाड़ी कर्मचारी अर्चना मंडल ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है। वह बहुत चंचल लड़का है लेकिन उतना ही गंभीर भी है। वह लगातार पढ़ाई नहीं करता था मगर किताबें हमेशा उसके साथ रहती थीं। रात में भी वह ज्यादा देर तक नहीं पढ़ता था, बस करीब साढ़े 11 बजे तक ही।

मैनाक के पिता शिशिर मंडल किताबों का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने कहा बेटा जिस विषय में पढ़ाई करना चाहता है, वही पढ़े। इस बारे में हमारी कोई जबरदस्ती नहीं है। उसे अपने लिए क्या अच्छा है, यह अच्छी तरह पता है।

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