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IPL में BCCI की सख्ती, खिलाड़ियों को हनी ट्रैप और सुरक्षा खतरे की चेतावनी

खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को कानूनी जोखिम से बचाने के लिए जारी हुए नए निर्देश।

मुंबई : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इस बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) बेहद सख्त नजर आ रहा है। सभी फ्रेंचाइजियों को कड़े निर्देशों के साथ चेतावनी जारी की गई है। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से जुड़े बढ़ते विवाद, कानूनी जोखिम और संभावित बदनामी को देखते हुए बोर्ड ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है। खासतौर पर ‘हनी ट्रैप’ और अन्य सुरक्षा खतरों को लेकर इस बार अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।

मौजूदा IPL सीजन में पहले ही कई विवाद सामने आ चुके हैं। मैच के दौरान डगआउट में रोमी भिंडर को मोबाइल फोन इस्तेमाल करते देखा गया था। वहीं ड्रेसिंग रूम में रियान पराग को वेप का उपयोग करते हुए कैमरे में कैद किया गया। इसके अलावा युजवेंद्र चहल भी विमान के भीतर इसी तरह की गतिविधि को लेकर विवादों में घिर चुके हैं। इन घटनाओं के बाद BCCI ने हालात बिगड़ने से पहले ही सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।

हनी ट्रैप और कानूनी जोखिम पर सख्त चेतावनी

एक रिपोर्ट के अनुसार BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सभी IPL फ्रेंचाइजियों को आठ पन्नों की विस्तृत गाइडलाइन भेजी है। इसमें खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा से जुड़े संभावित खतरों को लेकर विस्तार से चेतावनी दी गई है।

निर्देशिका में कहा गया है कि बड़े खेल आयोजनों के दौरान हनी ट्रैप और अन्य जालसाजी जैसी घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए सभी फ्रेंचाइजियों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी समय ऐसी घटना हो सकती है जो गंभीर कानूनी आरोपों का कारण बन सकती है। ऐसे जोखिमों से बचने के लिए हर समय सजग और सक्रिय रहना जरूरी बताया गया है।

होटल छोड़ने को लेकर लागू किए गए नए नियम

देवजीत सैकिया ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बिना अनुमति टीम होटल से बाहर जाने पर भी चिंता जताई है। बोर्ड के मुताबिक कई बार खिलाड़ी सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी दिए बिना बाहर चले जाते हैं जिससे गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा हो रहा है।

निर्देशों में कहा गया है कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को असामान्य समय पर होटल छोड़ते देखा गया जबकि इसकी जानकारी संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

अब नए नियमों के तहत किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ सदस्य को निजी या मनोरंजन के उद्देश्य से होटल से बाहर जाने के लिए पहले सुरक्षा अधिकारी और टीम इंटेग्रिटी ऑफिसर की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही यह भी दर्ज किया जाएगा कि कौन कब बाहर गया और किससे मिलने आया।

वेप और ई-सिगरेट पर भी बोर्ड की सख्ती

हालांकि गाइडलाइन में रियान पराग का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया लेकिन वेप इस्तेमाल को लेकर कड़ा संदेश दिया गया है। देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि भारत में वेप और ई-सिगरेट का उपयोग कानूनन प्रतिबंधित है।

निर्देशिका में कहा गया है कि ड्रेसिंग रूम और स्टेडियम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेप उपयोग की घटनाएं BCCI के संज्ञान में आई हैं। यह सिर्फ IPL और BCCI के नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि भारतीय कानून के तहत भी अपराध की श्रेणी में आता है।

इसके अलावा बोर्ड ने मैच के दौरान डगआउट में खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी मालिकों के बीच सीधे संपर्क पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्टेडियम में अनिवार्य पहचान सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी भी जारी की गई है।

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