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बंगाल माध्यमिक की परीक्षा में प्रथम हुआ अभिरूप भद्र, सफलता का पूरा श्रेय दिया अपनी मां को

माध्यमिक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अभिरूप भद्र ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया। उसका कहना है कि उसकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उसकी मां का है।

By Moumita Bhattacharya

May 08, 2026 11:52 IST

पश्चिम बंगाल माध्यमिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित हो चुका है। इस वर्ष माध्यमिक परीक्षा की मेधा सूची में पहला स्थान उत्तर दिनाजपुर जिले के अभिरूप भद्र ने प्राप्त किया है। वह रायगंज के शारदा विद्यामंदिर स्कूल का छात्र है। उसने माध्यमिक की परीक्षा में कुल 698 अंक यानी 99.71 प्रतिशत प्राप्त किए हैं।

अपना रिजल्ट जानकर स्वभाविक रूप से रायगंज का यह छात्र बेहद खुश है। माध्यमिक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले इस छात्र ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया। उसका कहना है कि उसकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उसकी मां का है।

माध्यमिक परीक्षा में प्रथम होने की जानकारी मिलते ही अभिरूप ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि मेरा रिजल्ट अच्छा आएगा। मैं मेधा सूची में भी अपना स्थान को लेकर उम्मीद कर रहा था। मैंने सोचा था कि 98 प्रतिशत अंक मिलेंगे लेकिन इतना अच्छा रिजल्ट होगा यह मैंने नहीं सोचा था। इस रिजल्ट को देखकर मैं बहुत खुश हूं।

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अभिरूप ने बताया कि वह घड़ी देखकर पढ़ाई नहीं करता था लेकिन पूरे साल एक रणनीति बनाकर नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखी। वह अपनी सफलता का मुल मंत्र इसे ही मानता है। मीडिया से बात करते हुए उसने कहा कि मैं समय देखकर नहीं पढ़ता था। लेकिन अगले दिन क्या पढ़ना है इसका लक्ष्य मैं एक दिन पहले ही तय कर लेता था। इसी तरह मैं नियमित रूप से पढ़ाई करता रहा।

उसने यह भी बताया कि जब पढ़ाई में बोरियत महसूस होती थी तो वह फिल्म देखकर और गाने सुनकर खुद को तरोताजा कर लेता था। अभिरूप ने बताया कि उसे स्कूल के शिक्षकों के साथ-साथ निजी ट्यूटर्स से भी मदद मिली। स्कूल में हर महीने होने वाले मॉक टेस्ट उसकी तैयारी में बेहद सहायक साबित हुए।

वह आगे चलकर विज्ञान विषय में पढ़ाई करना चाहता है और भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना देखता है।

हालांकि, अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उसने अपनी मां को दिया है। उसका कहना है कि आज मैं जो भी हूं वह सब मेरी मां की वजह से हूं। मेरे पिता नहीं हैं। इसलिए मेरी मां ने मेरी सारी जिम्मेदारियां उठायी हैं। उन्होंने मुझे किसी भी चीज की कमी कभी महसूस नहीं होने दी। मुझे जब भी किसी चीज की जरूरत हुई मेरी मां ने सब पूरा किया।

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