बेंगलुरुः भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स वर्ष 2026 के दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) कार्यालय द्वारा आज 7 मई से दो दिवसीय 5वां ब्रिक्स सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस (एसएआई) लीडर्स शिखर सम्मेलन बेंगलुरु में शुरू हुआ। इस सम्मेलन की मुख्य थीम “शहरी गतिशीलता पर विशेष ध्यान के साथ जीवन को सुगम बनाना” रखी गई है।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के एसएआई प्रमुखों सहित कुल 42 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य सार्वजनिक वित्तीय निगरानी को मजबूत करना, साझा महत्व के ऑडिट विषयों पर विचार-विमर्श करना तथा विभिन्न देशों के सर्वोत्तम अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।
ब्रिक्स देशों की आबादी तीन अरब से अधिक है और इन देशों में दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती शहरी आबादी निवास करती है। ऐसे में शहरी परिवहन, किफायती आवास, पर्यावरणीय संतुलन और सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच जैसी चुनौतियां सभी सदस्य देशों के सामने समान रूप से मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में एसएआई संस्थाओं की सामूहिक समझ और सुझावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के. संजय मूर्ति के उद्घाटन संबोधन से हुआ। इसके बाद विभिन्न देशों के एसएआई प्रमुखों और प्रतिनिधिमंडलों ने शहरी क्षेत्र तथा शहरी गतिशीलता योजनाओं के ऑडिट से जुड़े अपने-अपने राष्ट्रीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
विचार-विमर्श के दौरान तीव्र शहरीकरण, आधारभूत ढांचे की बढ़ती आवश्यकताओं और सेवा वितरण से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जा रही है। साथ ही इन विषयों के ऑडिट संबंधी पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सम्मेलन में नीति आयोग के विशिष्ट फेलो डॉ. ओ.पी. अग्रवाल मुख्य वक्ता हैं।
दोनों दिनों के सत्रों में ब्रिक्स देशों की एसएआई संस्थाओं और साझेदार संगठनों द्वारा कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इनमें शहरी परिवहन में सार्वजनिक निवेश की प्रभावशीलता, टिकाऊ परिवहन प्रणालियों का विकास, शहरी विस्तार के पर्यावरणीय पहलू, शहरी गतिशीलता में जवाबदेही तथा बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल हैं।
ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की एसएआई संस्थाओं के अलावा शहरी वित्त और गतिशीलता से जुड़े विशेषज्ञ भी अपने विचार रख रहे हैं। सम्मेलन में क्षमता निर्माण, ऑडिट पद्धतियों को अधिक सशक्त बनाने, डेटा-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने, तकनीक के बेहतर उपयोग तथा नागरिक-केंद्रित नजरिये को सार्वजनिक सेवाओं के मूल्यांकन में शामिल करने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
सम्मेलन के समापन पर ब्रिक्स एसएआई कार्ययोजना 2027-28 तथा बेंगलुरु घोषणा को अपनाने पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक समापन संबोधन देंगे। सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान का भी दौरा करेंगे।