पटनाः पटना में गुरुवार को राजनीति और शक्ति प्रदर्शन का अनोखा संगम देखने को मिला। एक ओर गांधी मैदान में बिहार सरकार के नए मंत्रियों ने शपथ ली, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का भव्य रोड शो राजधानी की सड़कों पर चर्चा का केंद्र बन गया। भारी भीड़, समर्थकों के नारों और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच एनडीए ने बिहार में अपनी राजनीतिक ताकत और एकजुटता का जोरदार संदेश देने की कोशिश की। प्रधानमंत्री के रोड शो को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में भाजपा व एनडीए समर्थक सड़कों पर जुटे।
इससे पहले गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। भाजपा, जनता दल (यूनाइटेड) और एनडीए के सहयोगी दलों के कई नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वालों में श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप कुमार जायसवाल, निशांत कुमार, लेसी सिंह, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, दामोदर रावत, संजय सिंह ‘टाइगर’ और अशोक चौधरी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल रहे।
यह कैबिनेट विस्तार ऐसे समय हुआ है जब बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद एनडीए अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने में जुटा है। हालिया विधानसभा चुनाव में गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि जदयू को 85 सीटें मिली थीं। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने भी गठबंधन को मजबूत समर्थन दिया।
राजनीतिक बदलाव की शुरुआत तब हुई थी जब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा की राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। इसके बाद सम्राट चौधरी ने बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए जदयू के वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
सम्राट चौधरी सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत भी आसानी से हासिल कर लिया था, जिससे एनडीए की एकजुटता का संदेश गया। गुरुवार को हुआ कैबिनेट विस्तार और उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो इसी राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक एकता का बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कार्यक्रम आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला संकेत भी माना जा सकता है।