नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत ‘जन गण मन’ के बराबर सम्मान देने का बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय को खास तौर पर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘वंदे मातरम्’, जिसे बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक महत्वपूर्ण नारा और गीत रहा है। वहीं ‘जन गण मन’ जिसे रवींद्रनाथ टैगोर ने रचा देश का आधिकारिक राष्ट्रगान है। अब सरकार दोनों को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सरकार के अनुसार इस फैसले को लागू करने के लिए Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में संशोधन किया जाएगा। संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करना या इसके गायन के दौरान बाधा डालना कानूनन अपराध माना जाएगा जैसा कि अभी ‘जन गण मन’ के मामले में लागू है।
नए प्रस्ताव के तहत ‘वंदे मातरम्’ का अनादर करने पर तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यह फैसला हाल के समय में इस गीत को लेकर बढ़ी राजनीतिक और सामाजिक बहस के बीच लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत के समान दर्जा देना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि इसकी जड़ें बंगाल की धरती से जुड़ी हैं और यह आजादी के आंदोलन में लोगों को प्रेरित करने वाला प्रमुख गीत रहा है।