कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब नई सरकार बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को कोलकाता स्थित नबान्न में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। माना जा रहा है कि यह बैठक आने वाली सरकार की रूपरेखा तय करने के लिहाज से काफी अहम थी।
सरकार की तैयारी पर चर्चा
बैठक में नई सरकार कैसे बनेगी? मुख्यमंत्री कौन होगा? मंत्रिमंडल कैसा होगा और सरकार किन मुद्दों पर काम करेगी? इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। चूंकि भाजपा पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है, इसलिए हर फैसले को सोच-समझकर लिया जा रहा है।
अमित शाह का दौरा क्यों है अहम?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पश्चिम बंगाल दौरा भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, वे पहले बिहार में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे और उसके बाद कोलकाता पहुंचेंगे। उनका यह दौरा सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और अहम फैसले लेने में मददगार हो सकता है।
पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से साफ संकेत
पार्टी ने सरकार गठन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए अमित शाह को पश्चिम बंगाल का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा, जेपी नड्डा को असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
चुनाव नतीजों ने बदली तस्वीर
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 294 में से 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पिछली बार 2021 में पार्टी को सिर्फ 77 सीटें मिली थीं, इसलिए इस बार का प्रदर्शन काफी बड़ा बदलाव दिखाता है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई है, जिसने पिछली बार 212 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस वजह से इस बार राज्य की राजनीति में नया मोड़ आया है।
लगातार बैठकों और तैयारियों से साफ है कि भाजपा सरकार गठन को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, मंत्रिमंडल में किन-किन नेताओं को जगह मिलेगी और शपथ ग्रहण कब होगा?