जयपुर : राजनीति और खेल दोनों मोर्चों पर चर्चा में रहे शिबशंकर पाल को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चुनावी हार के बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है जिससे उनके करियर में नया मोड़ देखा जा रहा है।
शिबशंकर पाल ने पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर तुफानगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मालती रावा राय के हाथों 26,457 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद उनके लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अंडर-16 तेज गेंदबाजों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह शिविर जयपुर में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर के लिए शिबशंकर पाल को कोच के रूप में चुना गया है। यह जानकारी बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण द्वारा उन्हें दी गई।
यह प्रशिक्षण शिविर 11 मई से 6 जून तक चलेगा जबकि शिबशंकर पाल 10 मई को जयपुर के लिए रवाना होंगे।
क्रिकेट जगत में शिबशंकर पाल को तुफानगंज एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता रहा है। इसी पहचान के कारण उन्हें राजनीति में भी टिकट मिला था। रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल के बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में प्रवेश किया और इसके बाद चुनावी मैदान में उतरे। हालांकि तुफानगंज के प्रतिनिधि बनने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका।
राजनीतिक हार के बावजूद शिबशंकर पाल ने स्पष्ट किया है कि वे निराश नहीं हैं और क्षेत्र के लोगों के लिए काम करते रहेंगे। वे तुफानगंज के विधायक नहीं बन पाए लेकिन जनता के लिए उनकी प्रतिबद्धता बनी रहेगी।
पिछले सत्र में वे बंगाल की सीनियर टीम के सहायक कोच के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) ने इस बार कोच पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे जिसमें शिबशंकर पाल ने भी आवेदन किया है। उन्हें उम्मीद है कि उन्हें एक बार फिर बंगाल क्रिकेट टीम के कोच के रूप में जिम्मेदारी मिल सकती है।