कोलकाताः कोलकाता में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि शहर में बुलडोजर के साथ किसी भी तरह की रैली या शक्ति प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लालबाजार में आयोजित प्रेस कॉनफ्रेंस में पुलिस कमिश्नर अजय नंदा ने यह चेतावनी दी।
कमिश्नर ने कहा कि शहर में शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे पुलिस से संपर्क करें। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में बड़ी संख्या में बल तैनात किया गया है, जिसमें कई कंपनियों के सुरक्षाकर्मी और लगभग 240 क्विक रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय हैं। इसके अलावा कंट्रोल रूम भी लगातार निगरानी कर रहा है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी जुलूस या विजय रैली के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के कोई भी रैली निकाली गई तो उसे रोका जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
विशेष तौर पर बुलडोजर या भारी मशीनों के इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाई गई है। पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में केवल प्रदर्शनकारी ही नहीं, बल्कि मशीन के मालिक और उसे उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मशीन जब्त की जाएगी और रैली को तत्काल रद्द कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही, अगर कोई व्यक्ति या समूह डर या हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश करता है, तो उस पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग के भीतर भी जवाबदेही तय की गई है-यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
दरअसल, मंगलवार को न्यू मार्केट इलाके में बुलडोजर से दुकानों में तोड़फोड़ के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद हालात को लेकर सवाल उठने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मौके पर मौजूद कर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केंद्रीय बलों के साथ समन्वय के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम भी सक्रिय है।