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CSK से हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स की प्लेऑफ उम्मीदें कमजोर

4 में 4 जीत जरूरी, नहीं तो प्लेऑफ से बाहर होना तय।

नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 48वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) को अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम में एक बेहद निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने एकतरफा मुकाबले में 8 विकेट से आसान जीत दर्ज की। पीली जर्सी वाली टीम ने न सिर्फ यह मैच जीता बल्कि इस सीजन में दिल्ली के खिलाफ अपनी दूसरी जीत भी हासिल की जिससे उनके प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

दिल्ली के सामने मुश्किल समीकरण

इस हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स 10 मैचों में 8 अंकों के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर खिसक गई है। कागज पर उनकी उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं लेकिन वास्तविकता में प्लेऑफ का रास्ता लगभग बंद होता दिख रहा है। अंक तालिका में उनके नीचे केवल मुंबई इंडियंस (एमआई) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) ही हैं। इसके साथ ही खराब नेट रन रेट (-0.949) ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जो टीम कुछ समय पहले तक सहज लय में थी वही अब गहरे संकट में फंस गई है।

आईपीएल में आमतौर पर 7 मैच जीतने पर उम्मीद बनी रहती है और 8 जीत के बाद स्थिति काफी हद तक अपने नियंत्रण में होती है। लेकिन दिल्ली के लिए अब गणित काफी जटिल हो गया है। अगर टीम 14 अंक तक भी पहुंचती है तो उसे अन्य मैचों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा। बचे हुए चार मुकाबलों में से तीन सीधे प्रतिस्पर्धी टीमों के खिलाफ हैं जिससे दबाव और बढ़ गया है। अब एक और हार उन्हें लगभग टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है।

दिल्ली के सामने अब चार बेहद अहम मुकाबले हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ घरेलू मैच जीतना अनिवार्य होगा। इसके बाद पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के खिलाफ कड़ी चुनौती होगी। अंतिम मुकाबला फिर कोलकाता में खेला जाएगा जो करो या मरो की स्थिति बन सकता है। कुल मिलाकर समीकरण साफ है-यदि दिल्ली सभी 4 मैच जीतती है तो 16 अंकों के साथ प्लेऑफ की संभावना मजबूत होगी। 3 जीत पर 14 अंक होंगे जहां नेट रन रेट निर्णायक बनेगा। 2 या उससे कम जीत पर बाहर होना लगभग तय है।

फिलहाल दिल्ली की स्थिति ‘धागे पर टिकी’ जैसी है। सिर्फ जीत ही काफी नहीं होगी टीम को अपनी खेलने की शैली में भी बदलाव लाना होगा वरना प्लेऑफ का सपना जल्दी टूट सकता है।

स्पिन के जाल में फंसी दिल्ली

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला अक्षर पटेल ने लिया लेकिन शुरुआत से ही टीम को झटके लगे। केएल राहुल और पथुम निसांका जल्दी आउट हो गए। इसके बाद चेन्नई के स्पिनर अकील हुसैन और नूर अहमद ने बल्लेबाजों को पूरी तरह जकड़ लिया। रन बनाना मुश्किल हो गया और विकेट लगातार गिरते रहे।

एक समय दिल्ली का स्कोर 69 रन पर 5 विकेट हो गया था। ऐसे में त्रिस्तान स्टब्स और इम्पैक्ट खिलाड़ी समीर रिजवी ने 63 रन की साझेदारी कर टीम को संभाला और 20 ओवर में 155/7 तक पहुंचाया।

सैमसन की शानदार पारी से आसान जीत

156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। ऋतुराज गायकवाड़ 6 रन पर आउट हो गए जबकि उर्विल पटेल 17 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद संजू सैमसन और कार्तिक शर्मा ने 104 रन की साझेदारी कर मैच पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया।

संजू सैमसन ने कठिन पिच पर बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 87 रन बनाकर नाबाद रहे। दूसरी ओर कार्तिक शर्मा 41 रन बनाकर नॉट आउट रहे और संयमित खेल दिखाया। मैच के बाद कार्तिक शर्मा ने कहा की बहुत अच्छा लगा। हमने अच्छी साझेदारी की। इस पिच पर गेंद रुककर आ रही थी और स्पिनरों को मदद मिल रही थी। मुझे पता था कि लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं है इसलिए धैर्य से खेलना जरूरी था और मैंने वही किया।

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