कोलकाताः बेलडांगा में हुई हिंसा और उपद्रव के मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। इस केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency-NIA) ने अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) में दाखिल कर दी है। यह रिपोर्ट बंद लिफाफे में मुख्य न्यायाधीश की डिवीजन बेंच के समक्ष प्रस्तुत की गई।
यह मामला जनवरी में तब सामने आया था जब एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत के बाद बेलडांगा इलाके में व्यापक हिंसा भड़क उठी थी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर हालात बेकाबू हो गए थे, जिसके चलते जांच को केंद्रीय एजेंसी को सौंपा गया।
जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की, जिस पर राजनीतिक और कानूनी विवाद भी खड़ा हुआ। राज्य सरकार ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए पहले सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार कर मामला हाईकोर्ट के पास भेज दिया।
कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने पहले ही एनआईए (NIA) को जांच की प्रगति रिपोर्ट और UAPA लागू करने के औचित्य पर विस्तृत जवाब देने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट अदालत में जमा कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट का अध्ययन कर अगली सुनवाई में आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई करीब दो सप्ताह बाद तय है।
जांच प्रक्रिया के दौरान कई आरोपियों को स्थानीय पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में एनआईए (NIA) ने अपनी हिरासत में लिया। हालांकि, कुछ आरोपियों को विशेष अदालत से जमानत भी मिल चुकी है, जिसे एनआईए (NIA) ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस पर भी आगामी सुनवाई में विचार किया जाएगा।
अदालत ने यह भी साफ किया है कि जांच जारी रखने पर कोई रोक नहीं है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में इस मामले में और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। पूरे मामले पर अब कानूनी और प्रशासनिक नजरें टिकी हुई हैं।