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बंगाल में चुनाव बाद हिंसा से हालात बिगड़े, 4 की मौत, पुलिस अधिकारी भी घायल

तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच लगातार टकराव, कई जिलों में तनाव। प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी की।

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। कई जिलों में सामने आई हिंसक घटनाओं ने पूरे राज्य में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अलग-अलग जगहों पर हुई झड़पों और हमलों में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सूत्रों के मुताबिक मृतकों में दो तृणमूल कांग्रेस (TMC) और दो भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हैं।

संदेशखाली के राजबाड़ी इलाके में उस समय स्थिति बेकाबू हो गई जब टीएमसी (TMC) और बीजेपी (BJP) समर्थकों के बीच झड़प की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। नजाट थाने के ओसी भर्त प्रसून कर हालात नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। इस दौरान उनके पैर में गोली लग गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।

कोलकाता के बेलियाघाटा इलाके में भी तनाव बढ़ गया, जहां टीएमसी (TMC) कार्यकर्ता विश्वजीत पटनायक (42) की हत्या का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि उन्हें रात के समय घर से बाहर बुलाकर हमला किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

उधर राजारहाट के बालिगढ़ी क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल (46) की मौत ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। इसी तरह हावड़ा में भी एक अन्य भाजपा समर्थक की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर झड़प और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं।

बीरभूम के नानूर इलाके में टीएमसी (TMC) बूथ अध्यक्ष की हत्या की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। वहीं नंदीग्राम (Nandigram) में रातभर हिंसा का दौर चला, जिसमें घरों में तोड़फोड़, लूटपाट और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं। कई गांवों में लोग दहशत के कारण घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

राज्य भर में कोलकाता, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना, हाबरा और अन्य इलाकों में दोनों प्रमुख दलों के कार्यालयों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं। कहीं आगजनी हुई तो कहीं पार्टी कार्यालयों और पोस्टरों को नुकसान पहुंचाया गया। कई स्थानों पर राजनीतिक प्रतीकों को हटाकर नए नाम लिखे जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।

राजनीतिक स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। टीएमसी (TMC) ने विपक्ष पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी (BJP) ने प्रशासन पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया है। दोनों दलों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की है, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी और पुराने वीडियो को लेकर चेतावनी जारी की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर निगरानी बढ़ा दी गई है।

फिलहाल पूरे राज्य में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां हालात को नियंत्रित करने और शांति बहाल करने की कोशिश में जुटी हैं।

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