🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

क्या हो अगर चुनाव हारने के बाद कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा देने से कर दें इनकार? क्या है संवैधानिक नियम?

क्या होता है अगर कोई निवर्तमान मुख्यमंत्री चुनाव हार जाने के बाद भी किसी भी कारण से इस्तीफा देने से इनकार कर दे? क्या है ऐसे मामलों में संवैधानिक नियम?

By Moumita Bhattacharya

May 05, 2026 20:21 IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है। लेकिन तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे जनादेश नहीं बल्कि साजिश करार दिया है।

आज (5 अप्रैल) संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता है क्योंकि हमें जनता ने नहीं हराया बल्कि यह एक साजिश थी। मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। वे संविधान के अनुसार जो कार्रवाई करना चाहें कर सकते हैं।”

अब सवाल उठता है कि संविधान में इस बारे में क्या कहा गया है? क्या होता है अगर कोई निवर्तमान मुख्यमंत्री चुनाव हार जाने के बाद भी किसी भी कारण से इस्तीफा देने से इनकार कर दे? क्या है ऐसे मामलों में संवैधानिक नियम?

आइए जान लेते हैं -

क्या चुनाव हारकर कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बन सकता है?

जी हां। अगर कोई प्रत्याशी चुनाव हार जाता है तब भी वह मुख्यमंत्री बन सकता है। यानी चुनाव में हारा हुआ विधायक भी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकता है लेकिन सिर्फ 6 महीनों के लिए। 6 महीने के अंदर उपचुनाव करवाने होंगे जिसमें उसके लिए जीतना अनिवार्य है। तभी वह मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है।

क्या हो अगर कोई मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दे?

अगर कोई पार्टी किसी राज्य में विधानसभा चुनाव हार जाती है तो मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ता है। यह एक संवैधानिक कार्रवाई है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसे संवैधानिक मशीनरी की विफलता मानी जाती है। ऐसी स्थिति में दो विकल्प होते हैं -

पद से बर्खास्तगी :-

यदि कोई मुख्यमंत्री चुनाव हारने या बहुमत खोने के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार करता है तो राज्यपाल के पास यह अधिकार होता है कि वह उसे पद से हटा सकते हैं। यानी उन्हें मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त कर सकते हैं।

साबित करना होगा बहुमत

चुनाव हारने के बावजूद अगर कोई मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दें, तो राज्यपाल उन्हें सदन में बहुमत साबित करने का न्यौता दे सकते हैं। चूंकि वह व्यक्ति चुनाव हार चुका होता है यानी उसकी पार्टी पहले ही बहुमत खो चुकी होती है। इसलिए राज्यपाल जीतने वाली पार्टी को बहुमत साबित करने और नई सरकार के गठन के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। बहुमत खोने वाली पार्टी को सदन में अविश्वास प्रस्ताव के साथ हटाया जा सकता है।

क्या इस्तीफा न देने पर नहीं बनेगी नई सरकार?

जी नहीं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर कोई मुख्यमंत्री किसी भी कारण का हवाला देते हुए चुनाव हारने के बाद इस्तीफा देने से इनकार कर देता है तब भी जीतने वाली पार्टी नई सरकार का गठन कर सकती है। राज्यपाल बहुमत पाने वाली पार्टी को सदन में बहुमत साबित करने यानी फ्लोर टेस्ट के लिए आमंत्रित करते हैं और उसके बाद नई सरकार का गठन किया जा सकेगा। इस्तीफा न देने पर भी सत्ता का हस्तांतरण नहीं रुकता है।

Articles you may like:

Election