मिसाइलों की गूंज और ड्रोन के साये ने एक बार फिर पश्चिमी एशिया की शांति को भंग कर दिया। खाड़ी क्षेत्र में तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब ईरान ने UAE पर एक के बाद एक कई हमले कर डाले। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मताबिक, 12 बैलिस्टिक मिसाइलें रोकी गईं। इसके अलावा 3 क्रूज़ मिसाइलें और 4 ड्रोन भी गिराए गए। इस दौरान 3 लोग घायल हो गए। हालांकि ईरान ने यूएई पर हमले के लिये अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया हैं। इसका संबध स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी अमेरिकी नाकेबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है।
ईरानी हमलों में 10 लोगों की मौत
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हाल के महीनों में ईरान की ओर से दागी गईं कुल 549 बैलिस्टिक मिसाइलें निष्क्रिय की गईं। इसके साथ 29 क्रूज़ मिसाइलें और 2,260 ड्रोन भी रोके गए। यूएई ने कहा कि अब तक ईरानी हमले में 227 लोग घायल हो चुके हैं, इनमें कई देशों के नागरिक शामिल हैं। घायलों में भारत के नागरिक भी शामिल हैं। अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और मिस्र के लोग शामिल हैं। फलस्तीनी नागरिक भी मारे गए हैं। यूएई के तीन सैनिक भी मारे गए हैं।
यूएई का कहना है कि वह पूरी तरह तैयार है। किसी भी खतरे का जवाब दिया जाएगा। देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इधर यूएई पर ईरानी हमला तब हुआ है जब 8 अप्रैल से अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू हैं। इसके बावजूद ईरान ने यूएई को निशाना बनाया। इससे पहले भी ईरान ने खाड़ी देशों में सबसे ज्यादा यूएई पर ही हमला किया हैं। कहने को ईरान ने बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर और ओमान को भी निशाना बनाया, लेकिन यूएई पर हमले सबसे ज्यादा हुए हैं।
UAE को हमलों से हो रहा तगड़ा नुकसान
ईरान का कहना रहा है कि वह केवल यूएई में मौजूद उन अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता है जिन बेस का इस्तेमाल अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिये किया। यूएई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी हमले के लिए नहीं हुआ. ईरान के ड्रोन और मिसाइलों के निशाने पर यूएई के हवाई अड्डे, होटल और रिहायशी इलाके रहे हैं। वहां के उर्जा ऊर्जा ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
यूएई के कई अहम ठिकानों पर हमला हुआ, इनमें फुजैरा पोर्ट और दुबई एयरपोर्ट शामिल है। तेल भंडारण केंद्र और गैस प्लांट भी निशाने पर रहे। अमेरिकी सुरक्षा गारंटी वाले यूएई की साख को काफी चोट पहंची है। 28 फरवरी के बाद से यूएई के दुबई जैसे शहर अब शायद ही दुनिया के निवेशकों और पर्यटकों की पहली पसंद बने रहेंगे।
ईरान संग खराब हुए UAE के रिश्ते
युद्ध का असर यूएई के अर्थव्यवस्था पर खासा दिख रहा है। यूएई का प्रमुख शेयर बाजार गिर गया है, पर्यटन और एविएशन सेक्टर को भारी नुकसान हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद होने से यूएई का तेल उत्पादन घट गया। अब यूएई और ईरान के रिश्ते भी बिगड़ गए हैं। यूएई ने ईरान में अपना दूतावास बंद कर राजदूत और कर्मचारियों को वापस बुला लिया। अमेरिका-ईरान युद्ध की यूएई को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। अमेरिका ने यूएई पर हुए ईरानी हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि अब तक खाड़ी देश इस युद्ध में सीधे नहीं उतरे हैं. लेकिन यह तो साफ है कि ऐसे हमलों से तनाव और बढ़ेगा, जिसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।