नई दिल्ली: हालिया विधानसभा चुनावों में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल और असम के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को असम में भाजपा विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सह-पर्यवेक्षक के रूप में काम करेंगे।
भाजपा ने हाल ही में आए विधानसभा चुनाव परिणामों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है, जबकि असम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। भारत निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से भाजपा ने 207 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं।
असम में भाजपा ने 82 सीटें जीतकर 64 के बहुमत आंकड़े से 18 सीटें अधिक हासिल कीं। उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 10-10 सीटें जीतीं। वहीं, कांग्रेस गठबंधन को कुल 19 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
दक्षिण भारत के राज्यों में भी अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने बड़ी जीत हासिल की। 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीतीं, जबकि सीपीआई(एम) को 26 और सीपीआई को 8 सीटें मिलीं। तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) 234 सदस्यीय विधानसभा में 107 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जो बहुमत से 11 सीटें कम है। द्रमुक को 59 सीटें मिलीं, जिससे सत्तारूढ़ दल को बड़ा झटका लगा।
इस बीच तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने चुनाव परिणाम आने के बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और उनकी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।