श्रीनगर : जम्मू–काश्मीर की शासक पार्टी नेशनल कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को हाल ही में एक पुस्तक विमोचन समारोह में यह कहते हुए सुना गया कि कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बन सकता। इस समारोह में कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता मिरवाईज़ उमर फारूक कई अलगाववादी नेता तथा पीडीपी, बीजेपी और कांग्रेस के कई प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। समारोह के दौरान फारूक ने कहा जम्मू–काश्मीर में जब ‘नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर’ के नारे लग रहे थे तब हमारी पार्टी ने महात्मा गांधी के आदर्शों को चुना। आज भी हम उन्हीं के मार्ग पर चल रहे हैं।
रविवार को हिलार इन एग्ज़ाइल: द अनफोल्ड स्टोरी ऑफ़ डॉ. सुषील राज़दान नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर एनसी अध्यक्ष ने कहा गांधीजी को हटाने और उनका मार्ग समाप्त करने की कोशिश की गई लेकिन हमें उनके आदर्शों को संरक्षित करना होगा और नफ़रत को त्यागना होगा। फारूक का स्पष्ट संदेश था बाहरी ताकतें जम्मू–काश्मीर पर कब्ज़ा करना चाह सकती है लेकिन हम इसे होने नहीं देंगे। कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा।
उन्होंने आगे कहा 1990 में जब हिन्दू पंडितों को यह भूमि छोड़नी पड़ी यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। कश्मीर केवल मुस्लिमों की भूमि नहीं है यहाँ हिन्दू और सिख समुदाय भी रहते हैं। अलगाववादियों की नीतियों की ओर इशारा करते हुए फारूक ने कहा वे कहते हैं – हिन्दू और मुस्लिम अलग हैं इसलिए राज्य में ‘टू–नेशन थ्योरी’ लागू होनी चाहिए। मैं ऐसा नहीं मानता। भारत में हिन्दू और मुस्लिम साथ में रहेंगे— यही एकता भारत को समृद्ध बनाती है।