कोलकाताः पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,114 से अधिक वोटों से पराजित कर दिया। इस जीत के बाद शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी को हराना जरूरी था और यह जीत बंगाल की जनता की एकजुटता की जीत है।
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ यह उनकी लगातार दूसरी बड़ी जीत मानी जा रही है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराया था।
भवानीपुर में मतगणना के दौरान शुरुआती चरणों में ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन बाद के राउंड में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 12वें राउंड तक वे लगभग 7 हजार वोटों से आगे थीं, लेकिन 16वें राउंड तक शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त बना ली। इसके बाद उनकी बढ़त बढ़कर करीब 11 हजार वोटों तक पहुंच गई।
चुनाव परिणामों के बीच कोलकाता की कुल 11 विधानसभा सीटों पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भाजपा ने 6 सीटों पर बढ़त बनाई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 5 सीटों पर आगे है। यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछली बार इन सभी सीटों पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा था।
तृणमूल कांग्रेस जिन सीटों पर आगे है, उनमें कोलकाता पोर्ट, बालीगंज, एंटाली और बेलघाटा प्रमुख हैं। कोलकाता पोर्ट सीट से फिरहाद हकीम 38 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं। बालीगंज में शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने सबसे बड़ी बढ़त बनाई है, जो 63 हजार से अधिक वोटों तक पहुंच चुकी है। एंटाली में संदीपन साहा लगभग 24 हजार वोटों से आगे हैं, जबकि बेलघाटा में तृणमूल की बढ़त 30 हजार से अधिक वोटों की बताई जा रही है।
वहीं भाजपा ने भी कई अहम सीटों पर मजबूत पकड़ बनाई है। काशीपुर-बेलगाछिया में रितेश तिवारी ने तृणमूल के अतीन घोष को लगभग 10,500 वोटों से पीछे छोड़ दिया है। मानिकतला सीट पर तपस रॉय 8 हजार से अधिक वोटों से आगे हैं। यह सीट पहले दिवंगत तृणमूल नेता साधन पांडे का गढ़ मानी जाती थी, जहां उनकी बेटी श्रेया पांडे उम्मीदवार थीं। श्यामपुकुर में मंत्री शशि पांजा को भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती से लगभग 13,500 वोटों से पीछे रहना पड़ा है। जोड़ासांको और रसबिहारी सीटों पर भी भाजपा उम्मीदवारों की बढ़त सामने आई है।
इस बीच राज्यभर के कुल नतीजों में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। 294 सीटों में से भाजपा ने 177 सीटें जीत ली हैं और 31 पर आगे चल रही है। तृणमूल कांग्रेस ने 61 सीटें अपने नाम की हैं और 18 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस को केवल दो सीटों पर जीत मिली है, जबकि फलता सीट पर 21 मई को पुनः मतदान होगा।
नतीजों के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब ममता बनर्जी मतगणना केंद्र से पहले ही निकल गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अंदर धक्का दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इस सीट पर दोबारा काउंटिंग होनी चाहिए।
कुल मिलाकर इस चुनाव ने बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है, जहां कई पुराने गढ़ टूटते नजर आए और राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।