कोलकाता : पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन से पहले प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। राज्य के मुख्य सचिव दुश्मंत नारियाला ने सोमवार को एक विशेष नोटिस जारी कर सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी सरकारी दस्तावेज या महत्वपूर्ण कागज को न तो हटाया जाए और न ही नष्ट किया जाए।
इस नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि सभी विभागों के अधिकारी इस आदेश का पालन करें। किसी भी दस्तावेज को स्कैन या प्रिंट करने के लिए पहले जरूरी अनुमति लेनी होगी। साथ ही दस्तावेजों के आदान-प्रदान में भी निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है।
राज्य में 6 मई को आदर्श आचार संहिता समाप्त हो जाएगी जिसके बाद नई सरकार का गठन होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि प्रशासनिक रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
गौरतलब है कि राज्य का मुख्य प्रशासनिक केंद्र पहले राइटर्स बिल्डिंग में था जिसे बाद में नवान्न स्थानांतरित कर दिया गया। वर्तमान में राज्य का अधिकांश प्रशासनिक काम नवान्न से ही संचालित होता है जहां कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं। हालांकि राइटर्स बिल्डिंग में अभी भी कुछ विभाग कार्यरत हैं।
सूत्रों के अनुसार करीब 15 साल बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट किया जा सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने यह सख्त निर्देश जारी किया है ताकि सभी जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जा सकें और प्रशासनिक प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।